देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कुछ दिनों पहले से ही जनता दरबार लगाने का चलन शुरू किया है। सीएम साहब ने  पहल तो शुरू की, लेकिन शायद उनका मुहुर्त गलत हो गया। सीएम का जनता दरबार विवादों में गिर गया है। फैसला ही मुख्यमंत्री जी ने ऐसा सुनाया कि उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और सीएम  साहब आसोचना के केंद्र में आ गए।

जो दरबार प्रदेश की जनता की फरियादग सुनने के लिए लगाया जाता है सीएम साहब उस फरियादी पर ही भड़क गए। महिला फरियादी को हिरासत में लेने का आदेश दे दिया। महिला शिक्षिका के पति का देहांत हो चुका है। महिला की पोस्टिंग दुर्गम इलाके में है। दुर्गम से सुगम में ट्रांसफर करवाने की फ़रियाद लेकर महिला शिक्षक जनता दरबार में पहुंची, लेकिन सीएम साहब को उनकी बात न जाने क्यों सीएम को चुभ गई। उन्होंने न सिर्फ फरियादी शिक्षिका को डांटा, बल्कि मंच से ही सस्पेंड करने को कहते हुए उसे गिरफ़्तार करने का आदेश दे दिया।  इसके बाद पुलिस और सुरक्षाकर्मी महिला को जबरन सीएम आवास से बाहर ले गए।

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