बारिश में बिहार के विकास मॉडल की तस्वीर,ICU में तैर रहीं मछलियां, बेड पर मरीज

नई दिल्ली। बिहार में दो दिनों से लागातर हो रही बारिश ने नीतीश सरकार की पोल खोलकर कर रख दी। दो दिनों की बारिश में पटना शहर का हाल बेहाल हो गया। जगह-जगह जल जमाव की समस्या तो आम हो गई। हालात ये हैं कि लोगों के घरों में भी दो से 4 फीट तक पानी भर गया है। घर, बाजार, सड़कें ही नहीं अस्तपाल भी जलमग्न हो गए है। स्थिति ऐसी है कि अस्पताल के आईसीयू वॉर्ड में मछलियां तैर रही है। बिहार के दूसरे बड़े अस्‍पताल नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एनएमसीएच) में बारिश का पानी घुस चुका है। अस्पताल के आइसीयू में गंदा पानी घुस गया है। वार्डों में मरीज बेड पर लेटे हैं और नीचे फर्श पर बहते पानी में मछलियां तैर रही हैं।

तालाब बना अस्‍पताल
भारी बारिश से पटना में जल-जमाव हो गया है। एनएमसीएच तालाब बना चुका है। हालात ये हैं कि अस्पताल के आईसीयू वॉर्ड में ऊपर मरीज बेड पर हैं और नीचे फर्श पर पानी बह रहा है। पानी में मछलियां तैर रही हैं। डॉक्टर -नर्स पानी में उतरकर मरीजों का इलाज करने को मजबूर हैं। आपको बता दें कि इस अस्‍पताल में प्रतिदिन हजारों मरीज आते हैं, लेकिन, अस्पताल में जल-जमाव के कारण उनका इलाज बुरी तरह प्रभावित है। ये हाल एनएमसीएच तक सीमित नहीं बल्कि यही हालात उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के घर में भी पानी घुस चुका है। सोशल मीडिया पर नालंदा अस्पताल का ये वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे आईसीयू वॉर्ड में जहां गंभीर रूप से बीमार मरीजों को रखा जाता है वहां एक महिला बेड पर लेटी है और बेड के नीचे घुटनों तक पानी भरा हुआ है। अस्पताल का बेड आधा पानी में डूब गया है। अस्पताल की मशीनें पानी में डूबी है। पानी में डूबे इस अस्पताल में मरीज इलाज के लिए मजबूर है। नीचे भरे पानी में छोटी-छोटी मछलियां तैर रही है।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने पर लोग नीतीश सरकार का मजाक उड़ा रहे हैं तो वहीं विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी वीडियो को ट्वीट कर नीतीश सरकार पर निशाना साधा। वहीं किरकिरी झेल रही नीतीश सरकार के लिए सोमवार को इंद्र भगवान ने राहत दे दी। सोमवार को बारिश रूकने के बाद फौरन अस्पताल से पंप लगाकर पानी को निकाला गया।

वहीं बारिश के चलते पटना के सबसे व्यस्त इलाके बेली रोड में सड़क धंस गई। अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ्तर से लेकर सड़क व गली मोहल्ले तक जलमग्न हो गए। बारिस के बाद हालात ऐसे थे कि सैदपुर-रामपुर नाला के दोनों किनारों की बदहाल सड़क लोगों के लिए जानलेवा बन गई है। बारिश के पानी और गंदगी से नाला सड़क पर उबल गया है। वहीं मुसल्लहपुर स्थित बाजार समिति मंडी भी तालाब में बदल गया। पानी भरने से गोदाम, दुकान में पानी भर गया।

हालांकि ये तस्वीर तो सिर्फ बिहार की राजधानी पटना की है,बाकी प्रदेश का हाल इससे भी बुरा है। दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पूर्णिया, भागपुर, छपरा पर भी बारिश  ने प्रशासन और नीतीश   सरकार के विकास मॉडल के तस्वीर की पोल खोल दी है।  नीतीश सरकार के  लिए मौसम विभाग की खबर खतरे की घंटी बनकर आई  है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार की राजधानी पटना  समेत आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहेगे। मौसम विभाग ने अपने पूवार्नुमान में कहा है कि अगले 24 से 48 घंटे के दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहने तथा बारिश होने का अनुमान है। बारिश की वजह से स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है।  अब जरा बेली रोज डिसे पटना की जीवनरेखा के नाम से जाना जाता है उसका हाल जाने तो वो और भी बुरा है। राजधानी पटना में भारी बारिश के कारण रविवार को एक सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि शनिवार से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पटना की जीवनरेखा मानी जाने वाली, बेली रोड धंस गई और कई इलाकों में पानी भर गया। सड़क के धंस जाने के कारण मार्ग को बंद कर दिया गया, जिसके बाद हड़ताली मोड़ और शेखपुरा के बीच यातायात बुरी तरह बाधित हुआ। हालत  ये थी कि खुद नीतीश कुमार जी को मौके पर पहुंचकर हालत का जायजा  लेना पड़ा। सड़क पर पानी भरने की वजह से ट्रैफिक ठप हो गई। वहीं कई निचले इलाके पानी में डूब चुके है।   पटना  में बारिश ने  नीतीश सरकार के विकास मॉडल को धराशाही  कर दिया है। विपक्ष बारिश के बहाने सरकार पर कटाक्ष की  बरसात कर रहा है। जबकि सरकार इसे प्रकृतिक समस्या मानकर अपना दामन बचा रही है। सत्ता और विपक्ष की नोंकझोंक तो चलती रहेगी, लेकिन बिहार की जनता इस बारिश  से  बेहाल है। लोगों के पास सल्टर होम तक नहीं है, जहां  वो अपने परिवार  के  साथ सुरक्षित रह सकें। खैर उम्मीद है कि इंद्र देवता जल्द बिहार की ज नता की मदद करेंगे।
 

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