11 साल बाद वायरल हुई वृद्धाश्रम में दादी-पोती की इस रोती तस्वीर का सच क्या है?

नई दिल्ली। तस्वीरें झूठ नहीं बोलती। वो आपके मन के भाव को चित्र में उतार देती है। आपकी यादों को संजो कर रखती है। ऐसा ही कुछ इन दिनों सोशल मीडिया पर चल रहा है, जिसमें एक बच्ची और उसकी दादी की तस्वीर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई है। सोशल मीडिया पर 11 साल बाद वायरल हुई ये तस्वीर एक दादी-पोती की है। लोग इस धड़ल्ले से से शेयर कर रहे हैं। फेसबुक पर भावुक पोस्ट लिख रहे हैं। तस्वीर भी भावुक है।बूढ़ी दादी और पोती के मिलन की पीड़ा तस्वीर में साफ- साफ दिख रही है। हजारों लोगों ने इस तस्वीर को लाइक किया4. उसे अप नी  वॉल पर शेयर किया। पोस्ट लिखें, कमेंट किया, लेकिन तस्वीर  की सच्चाई  किसी ने नहीं जानी। कोई इस तस्वीर को पटना रहा है तो कोई इसे गुजात का बता रहे हैं। हालांकि लोगों ने इस पोस्ट के  बारे में जानने की कोशिश की।  तस्वीर और लोगों से पोस्ट से साफ नहीं हो पाया है कि ये तस्वीर कहां की है, कब की है, किस ने खींची हैं? जाहिर हैं कि इस वायरल पोस्ट के सच के बारे में आप भी जानना चाहते होंगे।

क्या है इस तस्वीर का सच

पिछले कुछ दिनों सोशल मीडिया पर आज से 11 साल पहले खींची गई तस्वीर वायरल हो रही है। इस तस्वीर को सबने अपने तरीके से साझा किया और अपनी भावनाओं को भी व्यक्त किया। ये तस्वीर एक दादी और उसकी पोती की है, जो गुजरात के अहमदाबाद के मणिनगर के एक वृद्धाश्रम में खींची गई है। इस तस्वीर को अपने कैमरे में सीनियर फोटोग्राफर कल्पित एस बचेच ने खींची थी। बीबीसी में काम करने के दौरान कल्पित ने ये फोटो खींची थी, जिसमें स्कूल के कुछ बच्चों को पास के वृद्धाश्रम घूम ने ले जाया गया था। एक निजी चैनल के बातचीत के दौरान कल्पित ने बताया कि उन्होंने 12 सितंबर 2007 को ये तस्वीर खींची थी। अहमदाबाद के मणिनगर में स्थित जीएनसी नामक अंग्रेजी मीडियम स्कूल के बच्चों को पास के वृद्धाश्रम में ले जाया गया। वहां बतौर फोटोग्राफर कल्पित भी पहुंचे थे। मैंने वहां स्थित लोंगो से अनुरोध किया कि अगर सबलोग एक साथ मिलकर बैठेंगे तो बहुत ही अच्छा रहेगा। कल्पित ने बताया कि जैसे ही बच्चे और महिलाएं एक साथ आएं , वहां बैठी बच्ची फूट-फूटकर रोने लगी। एक बच्ची और एक महिला एक दूसरे को देखकर आपस में लिपट कर खूब रोने लगी। बाकी लोग नहीं जान ते थे कि आखिर हुआ क्या है, लेकिन उन्हें रोता देख वो भी रोने लगे। वहां पर
उपस्थित सभी लोग एकदम से सन्न रह गए। उसी वक्त कल्पित ने उस क्षण को अपने कैमरे में कैद कर लिया।

दादी को वृद्धाश्रम में देखकर फूट-फूट कर रोने लगी पोती

जब वो महिला के पास गए तो पता चला कि महिला उस बच्ची की पोती है। उसकी पोती ने जब दादी को देखा तो बिलख-बिलख कर रोने लगी। पोती ने जब बताया कि वो अपने मम्मी-पापा से दादी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वो अपने रिश्तेदार के घर गई हैं, लेकिन दादी को वृद्धाश्रम में देखकर बच्ची फूट-फूट कर रोने लगी। ये सब सुनकर वहां पर उपस्थित सभी लोग सन्न रह गए ,और उनको रोता देखकर सभी के आखों में आंसू आ गए। लड़की बस रोते-रोते कह रही थी कि मैं कब से अपनी दादी को खोज रही थी। घर पर सबलोग कहते थे कि तेरी दादी अपने किसी दूर के रिश्तेदार के गांव गई हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर का पूरा सच

अगले ही दिन यह खबर तस्वीर के साथ अखबार में प्रकाशित हुई। जिसके बाद कल्पित की इस खबर ने पूरे अहमदाबाद में
हलचल मचा दी। उनके पास हजारों फोन आने लग गए। उसके बाद वृद्धाश्रम में टीवी वाले अपने कैमरे के साथ उस महिला के पास पहुंच गए। तब उस महिला ने अपनी बात संभालते हुए कहा कि मैं अपनी मर्जी से यहां पर हूं। मुझे यहां पर कोई
भी दिक्कत नहीं है। इस बयान को जब कल्पित देख रहे थे तो उन्हें उस महिला का रोना और परिवार से बिछुड़ने का दर्द से भरे आंसुओं की बहुत याद आ रही थी। ऐसा लग रहा था कि जैसे उस महिला ने अपने आंसू पी लिए थे। इस खबर के छपने के बाद ये खबर आई थी कि उस महिला को परिवार वाले वापस अपने घर ले गए,लेकिन जब कल्पित एक दिन वापस उस आश्रम गए तो वो महिला उन्हें फिर से उस आश्रम में मिली ।

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