रायपुर। गांव में पंचायत को खास माना जाता है। उनके फैसले को तव्वजो दी जाती है। लोग पंचायत का सम्मान करते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में पंचायत ने जो किया वो हैरानी से भरा था। रेप पीड़िताओं को न्याय दिलाने के बजाए पंचायत ने शर्मनाक फैसला किया। आदिवासी बाहुल्य इलाके जशपुर में शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। गांव की पंचायत ने आरोपियों पर जुर्माना ठोका। जशपुर के मनोरा ब्लॉक के एक गांव में तीन बच्चियों से रेप के आरोपियों पर पंचायत ने इस अपराध के लिए 30000 रुपए का जुर्माना ठोका। यहां तक तो ठीक थी, लेकिन इसके बाद पंचायत ने जुर्माने की रकम से पूरे दांव में दावत दे दी। पंचायत ने रेप के आरोपियों से वसूले गए 30000 रुपए से मटन मंगाया और पूरे गांव में मटन पार्टी कर दी।

पंचायत के इस शर्मनाक फैसले से सब हैरान है। सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर खूब आलोचना हो रही है। यहां एक ओर देश में दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग हो रही है तो वहीं दूसरी ओर पंचायत दुष्कर्म के आरोपियों पर मामूली जुर्माना लगाकर उस रकम से पार्टी कर रहा हैय़ रिपोर्ट के मुताबिक मनोरा विकासखंड की रेमने पंचायत में तीन लड़कियों के साथ गांव के कुछ युवकों ने दुष्कर्म किया। रेप पीड़िता में दो बालिग और एक नाबालिग हैं। बच्चियों के घरवालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने की बात कही तो पंचायत ने रोक दिया और भरोसा दिलाया कि वो उन्हें न्याय दिलाएंगे। पंचायत बैठी तो इसमें गांव के सभी लोग बैठे और पंचायत ने पीड़ित परिवार पर 30000 रुपए का जुर्माना लगाया। तीनों आरोपियों से 10-10 हजार का जुर्माना लगाया गया। उस जुर्माने की रकम से मटन खरीदकर आया और पूरे गांव में मटन की दावत दी गई। बाकि बचे हुए पैसों को आपस में बांट लिया गया। खबर वायरल होने पर जब पुलिस तक पहुंची तो पुलिस और प्रशासन में हरकत में आई। पुलिस का कहना है कि उनके पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं पहुंची है, लेकिन वो इस खबर के आधार पर मामले की छानबीन करेंगे।

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