नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस के महागठबंधन में फूट पड़ गई है। विपक्षी को एकजुट करने में जुटी कांग्रेस की एकता ढेर होती दिख रही है। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस को तगड़ा झटका देते हुए गठबंधन से इनकार कर दिया है। वहीं समाजवादी पार्टी ने भी चेतावनी जारी कर दी है। बीएसपी सुप्रीमो मायावती के साथ-साथ अखिलेश यादव ने भी मध्य प्रदेश में कांग्रेस को चेतावनी दे दी है। अखिलेश ने कहा है कि कांग्रेस समय बर्बाद न करे और बड़ा दिल दिखाते हुए बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए समान विचारधारा की पार्टियों को साथ लेकर आगे बढ़े। अखिलेश ने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि आपसी क्लेश से बेहतर है समय रहते कांग्रेस विवाद को सुलझा ले।अखिलेश ने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि कांग्रेस विवाद में उलझी रहे और दूसरी पार्टियां अपने प्रत्याशी घोषित कर दें।

आपको बता दें कि बीजेपी को एक बार फिर से सत्ता में आने से रोकने के लिए कांग्रेस विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटी है। सपा, बसपा, आरएलडी,डीएमके, राजद समेत तमाम पार्टियों को साथ लाकर कांग्रेस बीजेपी को दोबारा से सत्ता में आने से रोकना चाहती है, लेकिन कांग्रेस की ये तकनीक उसी पर भारी पड़ रही है। एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद यूपी में बिहार की तर्ज पर महागठबंधन की भी कवायद में जुटे रहे हैं, लेकिन अब विपक्षी एकता ढेर होती दिखी है।

इसकी शुरुआत मायावती ने कर दी। पहले छत्तीसगढ़ में बीएसपी ने कांग्रेस को झटका दिया और फिर अब राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी गठबंधन न करने का ऐलान कर दिया है। वहीं सपा की ओर से भी कांग्रेस को चेतावनी दे दी गई। बीएसपी ने गठबंधन से इंकार के पीछे वजह बताया कि कांग्रेस उनकी पार्टी को खत्म करने की साजिश रच रही है । वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मायावती पर पलटवार करते हुए कहा कि मायावती सीबीआई के डर से गठबंधन में शामिल नहीं हो रही हैं। दिग्विजय सिंह के आरोप पर अखिलेश यादव ने कहा कि बीएसपी अकेली पार्टी है जो किसी से डरती नहीं है। अखिलेश ने कहा कि अगर मैं किसी पार्टी के साथ गठबंधन में शामिल न होऊं तो मुझ पर भी ऐसे आरोप लगेंगे। यह सही नहीं है।’

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