इस्लामाबाद । पाकिस्तान की अदालत नें सत्ता से हटाए गए पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के मामले
में शुक्रवार को 10 साल के जेल की सजा सुनाई है , वहीं इनकी बेटी मरियम को भी 7 साल की सजा हुई
है । कोर्ट ने नवाज और मरियम पर भारी जुर्माना भी लगाया है। भ्रष्टाचार के मामले में 10 साल की सजा पा चुके नवाज शरीफ औरप उनकी बेटी मरियम अब चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। उनकी जगह पार्टी ने दो नामों का चुनाव कर लिया है। ऐसे में एक पहलू ये भी सामने आ रहा है कि क्या पाकिस्तान की अकाउंटेबिलिटी कोर्ट के फैसले के बाद नवाज शरीफ पाकिस्तान की जनता की हमदर्दी जीतने में कामयाब हो सकेंगे?

कोर्ट ने नवाज शरीफ और उनकी बेटी के खिलाफ जो फैसला सुनाया वो हैरान होने वाला बिल्कुल नहीं थी। फैसला आने से पहले ही ज्यादातर लोग यह जानते थे कि फैसला क्या आने वाला है। सजा तो हो गई, लेकिन क्या इस फैसले का असर 25 जुलाई को पाकिस्तान में होने वाले चुनाव को नतीजे पर पड़ेगा। हालांकि जानकारी मानते हैं कि 25 तारीख के चुनाव के बाद आने वाले नतीजे से स्थिरता और बढ़ेगी। नवाज शरीफ के जेल में जाने के बाद उनकी पार्टी एक तरह से चुनाव से बाहर हो रही है। ऐसे में कोर्ट ने नवाज शरीफ के खिलाफ जो फैसला सुनाया है उसका पाकिस्तान के चुनाव पर क्या असर पड़ेगा, ये देखना होगा। इस सजा से नवाज कैसे अपनी अवाम की हमदर्दी जीत पाते हैं ये देखना दिलचस्प होगा।

आपको बता दें कि कोर्ट ने शरीफ को 10 साल की सजा सुनाई। उनकी बेटी मरियम को 7 साल , दामाद को एक साल की सजा दी है । नवाज शरीफ के खिलाफ लगाए गये आरोप नवाज और उनके परिवार के खिलाफ 14 सितंबर 2017 से सुनवाई चल रही थी, जिसमें नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो ने तीन भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए थे। इनमें सबसे पहले एवनफील्ड प्रॉपर्टी का मामला , दूसरा गल्प स्टील मिल्स और तीसरा अल अजीजा स्टील का है। मुस्लिम लीग के नेता और नवाज शरीफ के भाई ने कोर्ट के फैसले पर आपत्ति जताई है, उन्होंने कहा है कि जो भी आरोप नवाज पर लगाये गए हैं वो सभी बेबुनियाद है। उन्होंने दावा किया है कि नवाज अपनी लड़ाई कानूनी और संवैधानिक तरीके से लड़ेंगे ।

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