पेट्रोल डीजल की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने भारत बंद का ऐलान किया है. कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों ने ‘भारत बंद’ का आह्वान किया.पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस द्वारा बुलाए गए भारत बंद का देश के अलग-अलग राज्यों में मिला जुला असर दिखा. भारत बंद के दौरान कुछ जगह पर तोड़फोड़ हुई, ट्रेनें रोकी गई हैं. बसों को भी नुकसान पहुंचाया गया है.भारत बंद का आह्वान सरकार पर दबाव बनाने के लिए किया गया लेकिन बंद से एक दिन में देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.

अर्थव्यवस्था को एक दिन के बंद से कितना नुकसान होता है इसका सही आकलन करना मुश्किल है.नुकसान का अंदाजा लगाने के लिए अर्थव्यवस्था के कुछ पहलुओं पर गौर करने की जरूरत है.भारत बंद, कुछ लोगों के लिए आराम का दिन होता है क्योंकि उस दिन उन्हें काम पर नहीं जाना होता है,और वह दिनभर अपने परिवार के साथ समय बिता सकते हैं. लेकिन इसआराम की कीमत पूरे देश को चुकानी पड़ती है, क्योंकि देश में एक दिन का बंद अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा आर्थिक नुकसान लेकर आता है. सितंबर 2016 में सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने एक दिन के लिए भारत बंद किया।इस बंद का देशभर में ट्रांस्पोर्ट, मैन्यूफैक्चरिंग और बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ा जिससे अर्थव्यवस्था को 18 हजार करोड़ रुपये के नुकसान पहुंचने का दावा इंडस्ट्री चैंबर एसोचैम ने किया.

वहीं जनवरी 2018 में दलित संगठनों ने एक दिन के महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया जिसकी वजह से हिंसा के चलते राज्य की संपत्ति को भी बड़ा नुकसान पहुंचा था. इस बंद के बाद राज्य में रीटेल कारोबार ने 700 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया तो राज्य के होटल और रेस्तरां ने 100 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान होने की बात कही.हाल ही में जुलाई 2018 के दौरान देश में 8 दिनों तक ट्रक चालकों की हड़ताल रही. इन आठ दिनों के दौरान अर्थव्यवस्था को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया.देश में एक दिन के बंद से होने वाले नुकसान का आकलन करना बहुत ही​ कठिन है,क्योंकि इस बंद के कारण अर्थव्यवस्था ही नहीं बल्कि सामान्य जन जीवन भी प्रभावित होता है. बंद के कारण बिहार के जहानाबाद में जाम में फंसने से एक बीमार बच्ची की मौत हो गई. वहीं, मध्यप्रदेश के कई भागों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ.इस घटना पर आकलन करते हुए भाजपा ने विपक्ष के विरोध में कहा कि लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा अस्वीकार्य है.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों खिलाफ आज विपक्ष का भारत बंद

पेट्रोल-डीजल की कीमतों खिलाफ आज विपक्ष के भारत बंद के दौरान ट्विटर पर भी खूब बयानबाजी हुई है.
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने घटना पर पूछा है कि इस बच्ची की मौत का जिम्मेदार कौन है. बंद पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कुंठित विपक्ष के पास न तो कोई रणनीति है और न नेतृत्व है, उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है.वहीं पर कांग्रेस का दावा है कि उसके भारत बंद में 20 विपक्षी पार्टियां उसको समर्थन दे रही हैं.

बंद के कारण केन्द्र सरकार को राजस्व का नुकसान

बंद के दौरान यदि कारोबार ठप्प होता है तो सरकार को जीएसटी का नुकसान होता है. पिछले वित्त वर्ष के दौरान केन्द्र सरकार को प्रति माह जीएसटी से लगभग 90 हजार करोड़ रुपये के राजस्व की आमदनी हुई थी. ऐसे में सरकार को यदि एक दिन का जीएसटी राजस्व न मिले तो उसे लगभग 3,333 करोड़ रुपये का नुकसान अपने राजस्व में उठाना पड़ेगा. केंद्र सरकार की कमाई में हुई कमी का असर अर्थव्यवस्था पर भी होगा.राजस्व का यह नुकसान केन्द्र सरकार की कमाई के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था पर सीधे तौर पर पहुंचता है.कांग्रेस को ईंधन मूल्य वृद्धि और भारतीय रुपये में गिरावट के मुद्दे पर कोई नैतिक अधिकार नहीं है,लेकिन फिर भी उनका इस मुद्दे पर बंद का आह्वान देश के लिए कितना प्रभावी होगा ये तो समय ही बताएगा।

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