नई दिल्ली। दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 के पॉकेट-4 में रहने वाला सुनेजा परिवार अपने पायलट बेटे भव्य सुनेजा का बेसब्री से िंतजार कर रहा था। दीवाली पर बेटा भव्य और बहू घर आने वाले थे। रविवार तक परिवार में बेटे और बहू के स्वागत की तैयारियां चल रही थी, लेकिन सोमवार को ऐसी मनहूस खबर आई कि परिवार अवाक रह गया। बूढ़े माता-पिता ने खुद को घर में कैद कर लिया। मां की निगाहें एक टक मंदिर में रखे भगवान की मूर्तियों पर टिकी है तो पिता घर में आने वाले लोगों के ढ़ाढस को संभाल रहे हैं।

सोमवार सुबह इंडोनेशिया के लॉयन एयर टेली 610 का जो विमान क्रेश हुआ उसे 31 साल के भव्य सुनेजा उड़ा रहे थे। इंडोनेशिया के एक हवाई अड्डे से उड़ान भरने के 13 मिनट बाद ही क्रैश होकर जावा समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। खबर आते ही सुनेजा परिवार पर दुखों का पहाड़ गिरा दिया। इस दुर्घटना ने सुनेजा परिवार के इंतजार को कभी न खत्म होने वाले इंतजार में बदल दिया। वहीं आधिकारिक पुष्टि न होने से मानो दिल में एक आस अब भी बची है कि शायद भव्य बच गया हो।

सोमवार सुबह इंडोनेशिया में जकार्ता से पांकल पिनांग जाने वाली एक यात्री विमान समुद्र में क्रैश हो गया। इस विमान में 189 लोग सवार थे जिनमें तीन बच्चे सहित 181 यात्री,6 क्रू मेंबर्स और दो पायलट थे।विमान उडान भरने के 13 मिनट बाद ही काराबांग की खाडी में क्रैश हो गया। भारतीय पायलट भव्य सुनेजा, जो जेटी 610 उड़ान भर रहे थे, इंडोनेशियाई वाहक लॉयन एयर में 7 साल पहले शामिल हुए थे। इस विमान को कप्तान सुनेजा और सह-पायलट हार्विनो ने संभाला था। एयरलाइन ने अपने बयान में यह भी कहा कि कप्तान के पास 6,000 उड़ान घंटे थे, और उनके सह-पायलट 5,000 से ज्यादा उड़ान घंटे थे। सुनेजा जकार्ता में रह रहे थे। इंडोनेशिया की खोज और बचाव एजेंसी ने कहा कि उडान के 13 मिनट बाद ही विमान से संपर्क के बाद खो गया, उस समय विमान समुद्र के ऊपर से गुजर रहा था। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने लोग इस घटना में जीवित बचे हैं।
राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रवक्ता यूसुफ लतीफ ने मीडिया को बताया, “इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।” इससे जुड़ा तलाश और बचाव अभियान जारी है।इंडोनेशिया के आपदा प्रबंधन बोर्ड के प्रमुख सुतोपो पुरवो नुग्रोहो ने ट्वीट कर कहा, “कारावांग के समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हुए लॉयन एयर जेटी 610 विमान के कई टुकड़े बरामद किए गए हैं।”राजधानी के बंदरगाह को छोड़कर एक टग नाव ने विमान को समुद्र में गिरते हुए देखा।
इंडोनेशिया में अधिकारियों का कहना है कि उन्हें दुर्घटना से पहले विमान से किसी भी प्रकार काआपातकालीन संदेश कभी नहीं मिला। या के अनुसार इसे हल भी किया गया था। फिलहाल अभी इस पर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है।

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