नई दिल्ली। अंडमान के सैंटलीज द्वीप पर अमेरिकी नागरिक जॉन चाऊ आदिवासियों की तीर का शिकार बन गया। आदिवासियों ने चाऊ की हत्या कर दी। चाऊं को अंडवान के सैंटलीज द्वीप तक पहुंचाने के आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं आदिवासियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद चाऊ ने आखिरी नोट लिखा। इस नोट में चाऊ ने लिखा वो किसी को भी हिला कर रख देगा।

चाऊ पर अंडमान द्वीप के सेंटनलीज आदिवासियों के साथ संपर्क करने की जिद सवार थी। वो ईसाई मिशनरी था और सेंटनलीज आदिवासियों को ईसाई में कन्वर्ट होने के लिए मनाने पहुंचा था। वो जानता था कि वहां खतरा है, लेकिन बावजूद इसके वो वहां जाकर आदिवासियों को जीसस के बारे में बताना चाहता था।16 नवंबर को अपने परिवार को लिखे आखिरी नोट में चाऊ ने लिखा था कि वो मरना नहीं चाहता है। उसने लिखा कि लोगों को लग सकता है कि मैं पागल हूं लेकिन मुझे लगता है कि इन लोगों को जीसस के बारे में बताना फिजूल नहीं होगा। उसने लिखा कि ‘मैं मारा जाऊं तो आदिवासियों पर गुस्सा मत करना।’

उसने लिखा कि अगर उसे कुछ हो जाता है तो आदिवासियों पर या फिर भगवान पर गुस्सा ना निकालें। चाऊ के परिवार ने भी जाऊ की हत्या में मदद करने वाले सात लोगों को माफ करने की अपील की है। जॉन चाऊ के परिवार ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में भारत सरकार से अनुरोध किया है कि प्रतिबंधित इलाके तक पहुंचने में मदद करने वाले मछुआरों को सजा ना दी जाए। उन्होंने कहा कि जॉन सैंटनेल द्वीप पर अपनी मर्जी से गया था और उसकी मदद करने वाले मछुआरों का सजा नहीं दी जानी चाहिए।

आपको बता दें कि अंडमान के सैंटनेलीज बाहरी दुनिया के लोगों को दुश्मन समझते हैं। उन्हें पास आने पर उनपर जानलेवा हमला करते हैं। ये लोग बाहरी दुनिया से बिल्कुल अछूते हैं।

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