Sep 10, 2016

गवाह गूंगा, कानून अंधा और सिस्टम बहरा हो गया

Media Sarkar Desk

Share This

कत्ल के इल्जामों से बरी होकर एक कातिल बाहर आता है और उसके रिसीव करने के लिए राज्य की पुलिस फौज के साथ मंत्री भी मौजूद हों तो इस रिहाई का आरोप अदालत पर नहीं डाला जा सकता है। निश्चित तौर पर यह सरकार का फैसला और उसका दबाव है। आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस बात का जवाब देना चाहिए कि आखिर किन हालातों में आज से ग्यारह साल पहले उऩकी सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बिठाकर बिहार के एक दुर्दांत अपराधी को जेल में ठूंसा था। या तो वो तब गलत थे या फिर आज गलत हैं। सैकड़ों लग्जरी गाड़ियों के साथ हजारों गाड़ियां का काफिला एक कातिल की रिहाई पर उसका जश्न मनाने अगर जेल के दरवाजे पर खड़ा है तो निश्चित मानिए कि यह सरकार ही है जिसके सहारे और इशारे पर यह सब हो रहा है । जेल से छूटते ही शहाबुद्दीन से जिस तरीके से लालू यादव को अपना नेता माना और नीतीश कुमार को परिस्थिति जन्य मुख्यमंत्री बताया उससे भविष्य के संकेत मिल गए। वरिष्ठ पत्रकार और इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर अजीत अंजुम ने बिल्कुल ठीक कहा कि  “गवाह गूंगा हो गया….कानून अँधा हो गया…सिस्टम बहरा हो गया और क़त्ल के इल्जामों से बरी होकर कातिल बाहर आ गया ..अब वो पाक साफ है,बेदाग है …जय बोलो शहाबुद्दीन की” ( नोट ः शहाबुद्दीन जमानत पर बाहर है, किसी मामले में बरी नहीं हुआ है)

चर्चित तेजाब कांड के गवाह राजीव रोशन की हत्या मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन की आज शनिवार सुबह रिहाई हो गई। शहाबुद्दीन की रिहाई के वक्त हजारों समर्थक जेल के बाहर मौजूद थे। पत्रकारों को जवाब देते हुए शहाबुद्दीन ने कहा कि हमें तो हमारी रिहाई से बिहार में कहीं भय का माहौल नहीं दिखता है अगर आपको दिखता है तो बताइए जरा।
शहाबुद्दीन की रिहाई को बिहार सरकार की विफलता मानते हुए मीडिया सरकार के सीईओ अनुरंजन झा ने ट्वीट किया –  ” शराब बंदी इसीलिए कर रहे थे… हत्यारा बाहर …. इससे तो बेहतर जनता को नशे में रहने देते नीतीश बाबू दर्द कम होता … #ShameOnBiharsarkar”
Facebook Comments

Article Tags:
· ·
Article Categories:
Big Breaking

Comments to गवाह गूंगा, कानून अंधा और सिस्टम बहरा हो गया

  • Very Relevant Article !

    Manish September 13, 2016 4:30 PM Reply

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*