spying apps iphone site press spy phone pro download cell phone location tracker spy sms the best site cell spy iphone app link best software to monitor kids phone track mobile phone can i spy on another iphone spymobile spy on iphone mobile phone spy gadgets sms tracker how to use what is the best cell phone spy program site download mobile spy for free is there a text message spy app here google play cellphone spy mobile spyware without access track texts imei mobile spy iphone jailbreak mobile spy how do u catch a cheating spouse press unfaithful wife

Top Stories

Grid List

बैंकॉक : थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक स्थित ब्रह्मा मंदिर में बम विस्फोट के मामले में दूसरे विदेशी नागरिक को कंबोडिया की सीमा पर स्थित एक जांच चौकी से गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए व्यक्ति को बम विस्फोट का मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है।

थाई प्रधानमंत्री जनरल प्रयूत चान-ओ-चा ने मंगलवार को कहा कि इस संदिग्ध को उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह अरानयपारथेट जिले में बान पा राय के निकट सीमा पार करने का प्रयास कर रहा था। प्रयूत ने कहा, हम उससे पूछताछ कर रहे हैं। वह मुख्य संदिग्ध है और विदेशी नागरिक है। 

हालांकि प्रधानमंत्री ने पकड़े गए व्यक्ति की नागरिकता के बारे में खुलासा नहीं किया। सूत्रों के अनुसार, इस व्यक्ति को हेलीकॉप्टर के जरिए बैंकॉक लाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह व्यक्ति वही है जो 17 अगस्त की सीसीटीवी फुटेज में पीली टीशर्ट पहने हुए था। 

इससे पहले थाई पुलिस ने गत शनिवार को एक अज्ञात विदेशी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए इस व्यक्ति के पास तुर्की का फर्जी पासपोर्ट था। उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हैं क्योंकि तुर्की के राजनयिकों ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि यह व्यक्ति तुर्की का नागरिक है। गौरतलब है कि इस विस्फोट में 22 लोग मारे गए थे और 100 से अधिक घायल हो गए थे।

वाशिंगटन : अमेरिका ने आज साफ कर दिया कि भारत और पाकिस्तान के अपने संबंधो को लेकर खुद पहल करे। इसमें अमेरिका की कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा। दोनों पड़ोसी देश अपने आपसी तनाव को कम करने के लिए खुद कदम उठाएंगे। वह अपने संबंधों को लेकर स्वयं फैसला लेंगे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने सोमवार को कहा, 'भारत और पाकिस्तान के संबंध दो देशों के बीच का मामला है, लेकिन हम निश्चित ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम होते देखना चाहते हैं.' टोनर ने कहा, 'यह विश्व में सभी के हित में होगा। इसलिए दोनों देशों के बीच जो भी बात हो सकती है, या तनाव कम हो सकता है, हम उसे प्रोत्साहित करेंगें।'

गौर हो कि भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच 23 और 24 अगस्त को होने वाली बैठक पाकिस्तान के तरफ से अंतिम समय में रद्द कर दी थी। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस्लामाबाद को यह अल्टीमेटम दिया था कि पाकिस्तान कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के साथ मुलाकात नहीं करने की प्रतिबद्धता जताए जिसके बाद पाकिस्तान ने वार्ता रद्द कर दी थी।

अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान से पहले भी रचनात्मक वार्ता के जरिए पुराने मुद्दों को सुलझाने की अपील की है। अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने हाल में कहा था कि वह चाहते हैं कि दोनों देश अपने-अपने मुद्दों को सुलझाने के लिए रचनात्मक बातचीत के जरिए 'मिलकर काम' करें।

इस्लामाबाद : भारत और पाकिस्तान के बीच एनएसए स्तर की वार्ता रद्द होने के बाद जर्मनी ने सोमवार को कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का हिस्सा होना चाहिए तथा बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। साथ ही जर्मन  विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि वह आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करे और बिना किसी भेदभाव के उनको निशाना बनाये।

ये बाते जर्मन विदेश मंत्री फ्रैंक-वाल्टर स्टेनमेयर ने यहां पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज के साथ साझा संवाददाता सम्मेलन में कहा। स्टेनमेयर जर्मनी के सांसदों के एक शिष्टमंडल का नेतृत्व करते हुए रविवार रात अफगानिस्तान से पाकिस्तान पहुंचे थे जहां उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया के इन दो पड़ोसी देशों के बीच बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।

गौर हो कि दोनों देशों के बीच 23 अगस्त को एनएसए स्तर की बातचीत प्रस्तावित थी। भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि कश्मीर मुद्दे पर चर्चा और अलगाववादी नेताओं के साथ मुलाकात को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बाद बातचीत रद्द हुई। जर्मन विदेश मंत्री ने पाकिस्तान से यह भी कहा कि वह आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करे और बिना किसी भेदभाव के उनको निशाना बनाये।

स्टेनमेयर ने कहा, ‘दोनों पड़ोसी देशों अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच निकट सहयोग शांति एवं स्थिरता के लिए अनिवार्य शर्त होनी चाहिए। आतंकवाद सीमाओं पर नहीं रूकता है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कानून और मानवाधिकार के अनुसार चलनी चाहिए।’

पाकिस्तान और जर्मनी के बीच निकट सहयोग के बारे में विदेश मंत्री ने कहा कि जर्मनी पाकिस्तान के उर्जा क्षेत्र में सक्रिय है तथा उसके यहां मुफ्त में शिक्षा देने वाले प्रमुख विश्वविद्यालय पाकिस्तानी छात्रों के लिए लोकप्रिय गंतव्य बने हुए हैं। जर्मन विदेश मंत्री ने मौत की सजा के प्रावधान का विरोध किया और पाकिस्तान से आग्रह किया कि वह फिर से मौत की सजा के तामील पर रोक लगाए।

सिओल : उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध होने की संभावनाएं बढ़ती जा रही है। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग ने सेना को आज शाम पांच बजे से युद्ध के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है। दोनों देशों के बीच बीते कुछ दिनों से लगातार गोलीबारी हो रही है। इसके साथ ही उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तत्काल बैठक बुलाने की मांग भी की है।

वहीं दूसरी तरफ, कुछ सैटेलाइट इमेजेस सामने आए हैं और इनसे जानकारी मिली है कि किम जोंग उन ने राजधानी प्योंगयांग में अपने सभी महलों के सामने रनवे बनवाए हैं, जिन पर फाइटर जेट प्लेन आसानी से लैंड और टेकऑफ कर सकते हैं।

उत्तर कोरिया की आधिकारिक न्यूज एजेंसी केसीएनए के अनुसार, तानाशाह किम जोंग उन ने गुरुवार को सेना के शीर्ष अधिकारियों की एक विशेष मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में सीमा पर तैनात टुकड़ियों को आदेश दिए गए कि वह शुक्रवार सुबह पांच बजे से (उत्तरी कोरिया का स्थानीय समय) जंग का सामना करने के लिए तैयार रहे।

गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच पिछले शनिवार से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। उत्तर कोरिया की ओर से हॉटलाइन पर दक्षिण कोरिया को अल्टीमेटम दिया गया था कि वह सीमा पर लगे अपने लाउडस्पीकर्स अगले 48 घंटे के अंदर हटा ले। लेकिन, दक्षिण कोरिया ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। जिसके बाद खफा उत्तर कोरिया ने रॉकेट दाग दिए। जवाब में दक्षिण कोरिया ने गुरुवार को पड़ोसी देश के खिलाफ दर्जनों गोले दागे।

दक्षिण कोरियाई सेना ने उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी है। सर्वोच्च स्तर का अलर्ट भी जारी किया गया है। इसके अलावा, ताजा घटनाक्रम को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित की गई। पिछले साल अक्टूबर में दोनों देशों के बीच गोलीबारी की घटना हुई थी। इससे पहले सीमा पर बारूदी सुरंग विस्फोट के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया था।

वहीं संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के स्थायी प्रतिनिधि जा सोंग नाम ने गत बुधवार को परिषद को एक पत्र लिखकर सैन्य अभ्यास पर चर्चा का अनुरोध किया। यह अनुरोध उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच हुई गोलीबारी से एक दिन पहले किया गया।

उत्तर कोरिया ने परिषद से लगातार अनुरोध किया है कि वह वार्षिक उलची फ्रीडम सैन्य अभ्यास पर चर्चा करे। यह अभ्यास इस वर्ष सोमवार से शुरू हुआ है और 28 अगस्त तक चलेगा। अभ्यास कम्प्यूटरों पर तैयार युद्ध की स्थितियों पर आधारित है, लेकिन इसमें 50,000 दक्षिण कोरियाई और 30,000 अमेरिकी जवान भी हिस्सा ले रहे हैं।

राजदूत ने लिखा, ‘‘यदि सुरक्षा परिषद अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास पर चर्चा के डीपीआरके के अनुरोध को इस बार भी नजरअंदाज कर देती है तो इससे यह साबित होगा कि परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के अपने प्राथमिक मिशन को छोड़कर एक विशेष शक्ति का राजनीतिक हथियार बन गई है।’’

एथेंस : यूनान के प्रधानमंत्री एलेक्सिस त्सिप्रास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और देश में नए सिरे से चुनाव कराने का आह्वान किया है। अपनी ही पार्टी के भीतर बगावत पैदा होने के बीच त्सिप्रास ने देश के भारी वित्तीय सहायता कार्यक्रम का बचाव किया। एलेक्सिस त्सिप्रास ने टीवी पर दिए भाषण में अपने इस्तीफ़े का ऐलान किया

यूनानी संवाद समिति ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि चुनाव 20 सितंबर को होने की संभावना है। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में त्सिप्रास ने कहा कि मैं जल्द ही राष्ट्रपति से मिलूंगा और अपना तथा अपनी सरकार का इस्तीफा उन्हें सौंप दूंगा।

त्सिप्रास ने कहा कि जनवरी में पदभार संभालने के बाद से मैंने जो कुछ भी किया मैं उसे यूनान की जनता के सामने रखना चाहता हूं ताकि वे एक बार फिर निर्णय कर सकें।  इस कदम से यूनान सरकार चुनाव तक कार्यवाहक सरकार के हाथों में आ गई है। यूनान द्वारा ईसीबी को भारी ऋण चुकाए जाने के बाद त्सिप्रास की यह घोषणा आई। ऋण चुकाए जाने के बाद यूनान का तीसरा विशाल वित्तीय सहायता कार्यक्रम प्रभावी तरीके से शुरू हो जाएगा जो अगले तीन साल के लिए 86 अरब यूरो है

देश के करिश्माई युवा प्रधानमंत्री ने यह नया दांव खेला है जिन्होंने पिछले महीने यूनानियों को जनमत संग्रह के जरिए कडे सुधारों को नकारने के लिए मनाया था। एक सप्ताह बाद ही यूरो जोन शिखर बैठक में इन्हें स्वीकार कर लिया गया। अपनी सरकार की सुलह समझौते की नीतियों को सही ठहराते हुए कहा कि यूनान ने यूरोजोन के अन्य देशों से तीन साल के लिए 86 अरब यूरो के वित्तीय सहायता कार्यक्रम के जरिए सर्वाधिक श्रेष्ठ संभावित सौदा किया।

त्सिप्रास ने कहा कि देश को पैसा मिल गया है और अब वह  गहरी नैतिक जिम्मेदारी महसूस करते हैं कि न्याय के लिए अपने आप को जनता के सामने पेश कर दें। पिछले दिनों गहरे आर्थिक संकट से गुजरे यूनान में प्रधानमंत्री त्सिप्रास को शुक्रवार को संसद में गहरा आघात लगा। सत्तासीन वामपंथी सीरिजा पार्टी में 149 सांसदों में से 43 सांसदों ने ऋणदाताओं की मितव्ययता की नई मांग का विरोध करने या दूर रहने का फैसला किया। देश में राजनीतिक अस्थिरता के कारण आज यूनान का स्टाक 3. 5 फीसदी गिर गया ।

काहिरा : मिस्र की राजधानी काहिरा के उत्तर में स्थित शुबरा अल खीमा शहर में एक राष्ट्रीय सुरक्षा इमारत के निकट आज हुए एक भीषण विस्फोट में 11 सुरक्षा कर्मी सहित कम से कम 29 लोग घायल हो गए। सरकारी इमारत के निकट हुए विस्फोट में हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। इस्लामिक स्टेट की मिस्र स्थित शाखा की ओर से आनलाइन बयान जारी कर इस हमले को मई में छह आतंकवादियों को फांसी पर लटकाए जाने के बदले में की गई कार्रवायी की संज्ञा दी है। 

अधिकारियों ने बताया कि इमारत के निकट तीन बम लगाए गए थे, जिसके कारण यह विस्फोट हुआ। इस विस्फोट से सुरक्षा इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है और निकटवर्ती इलाके में कम से कम 20 इमारतें और वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ईजिप्शियन टीवी के अनुसार घटनास्थल पर करीब 25 एम्बुलैंसों और सुरक्षा बलों को भेजा गया है।

इस धमाके की आवाज राजधानी के कई इलाकों में सुनी गई। एक प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद अली ने बताया कि उन्होंने एक आदमी को धमाके से पहले वहां गाड़ी पार्क करते हुए देखा था और उसके तुरंत बाद धमाका हो गया। मिस्र पहले ही खूनखराबे से जूझ रहा है। पिछले दो सालों में यहां सैंकड़ों पुलिसवाले और सैनिक मारे जा चुके हैं। मिस्र के अटॉर्नी जनरल की भी कार बम से हत्या की जा चुकी है। इनमें से कुछ हमलों की जिम्मेदारी आईएस ने भी ली थी। मिस्र में आतंकवाद के खिलाफ हाल में एक कठोर कानून को मंजूरी दी गई है। माना जा रहा है कि आतंकवादियों ने इसी कानून के विरोध में यह धमाका किया।

नई दिल्ली : विश्व हिन्दू परिषद ने उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी की उस टिप्पणी की आलोचना की है जिसमें अंसारी ने कहा था कि मुस्लिमों से भेदभाव सरकार दूर करे। वीएचपी ने आरोप लगाया कि यह ‘‘राजनीतिक’’ एवं ‘‘सांप्रदायिक’’ बयान है जो उप राष्ट्रपति के पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है।

हिंदुत्व वादी संगठन ने कहा कि इस तरह की मांग मुस्लिमों को असंतोष के ऐसे अंधकार में धकेलने के बराबर होगी जिसके खतरनाक परिणाम होंगे। विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेन्द्र जैन ने कहा ‘‘उप राष्ट्रपति पद का सम्मान करते हुए विहिप इस तरह के सांप्रदायिक बयान की निंदा करता है। यह एक राजनीतिक बयान है जो उप राष्ट्रपति के पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम देशों की तुलना में भारतीय मुसलमानों के पास कहीं ज्यादा संवैधानिक अधिकार हैं। उन्होंने दावा किया कि कई वर्षों से उनका अलग अलग तरीकों से तुष्टिकरण किया जाता रहा है। जैन ने कहा कि अपने ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बयान के लिए अंसारी को माफी मांगनी चाहिए।

अंसारी ने देश में मुसलमानों की पहचान और सुरक्षा की समस्याओं के हल के लिए रणनीतियां बनाने की वकालत करते हुए सरकार से ‘‘सकारात्मक कार्रवाई’’ करने तथा ‘‘सबके विकास के लिए’’ नीति बनाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सुरक्षा मुहैया कराने में असफलता सहित भेदभाव और बाहर रखे जाने को सरकार को यथाशीघ्र दुरूस्त करना होगा तथा इसके लिए समुचित व्यवस्था विकसित करनी होगी।

नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने मोदी सरकार को मुस्लिमों को लेकर नसीहत दी है। अंसारी ने कहा है कि मुसलमानों की सुरक्षा औऱ पहचान के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएं ताकि ये समुदाय सरकार के मूल उद्देश्य सबका साथ सबका विकास के साथ आगे बढ़ सके। वह मुस्लिम संगठनों के शीर्ष फोरम आल इंडिया मजलिस ए मुशावरत के स्वर्ण जयंती समारोह में बोल रहे थे।

समारोह में उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि भारतीय मुस्लिमों के सामने आ रही प्रमुख समस्याओं में पहचान, सुरक्षा और शिक्षा एवं सशक्तीकरण तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया में निष्पक्ष हिस्सेदारी से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार को मुस्लिमों के साथ हो रहे भेदभाव को दूर करना होगा।

उपराष्ट्रपति ने देश में मुसलमानों के समक्ष मौजूद पहचान और सुरक्षा की समस्याओं को हल करने के लिए रणनीतियां बनाने की आज जोरदार वकालत की और ‘सबका विकास’ की नीति पर चल रही सरकार से इस संबंध में ठोस कार्रवाई के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मुहैया कराने में विफलता समेत बहिष्कार एवं भेदभाव के संदर्भ में शासन द्वारा यथाशीघ्र सुधार किया जाए तथा उसके लिए उपयुक्त व्यवस्था की जाए। देश में मुस्लिमों का बड़ा तबका अब भी हाशिये पर है। मुस्लिमों के विकास की कई योजनाएं बनी, लेकिन अब उस पर अमल भी होना चाहिए।

अंसारी ने कहा कि जहां तक वंचित रखने, बाहर करने और भेदभाव (सुरक्षा मुहैया कराने में विफलता सहित) का प्रश्न है, सरकार या उसके एजेंटों की चूक सरकार को ही जल्द से जल्द सुधारनी है और इसके लिए उचित व्यवस्था विकसित की जाए।

उन्होंने कहा कि सशक्तीकरण, राजकीय संपत्ति में समान हिस्सेदारी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में निष्पक्ष हिस्सेदारी जैसे मुददे, जो मुस्लिमों के समक्ष हैं, हल करने के लिए रणनीतियां और कार्य पद्धतियां विकसित करना चुनौती है। उन्होंने कहा कि सामाजिक शांति के लिए राजनीतिक दूरदर्शिता जरूरी है। धर्मनिरपेक्ष राजनीति के तहत रह रहे अधिकांश मुस्लिम अल्पसंख्यकों का भारत का अनुभव अन्य के लिए अनुसरण का मॉडल होना चाहिए। देश की 14 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है। मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए सच्चर समिति की रिपोर्ट के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए बनी कुंदू रिपोर्ट पिछले साल सितंबर में सौंपी गई थी। इसमें जोर देकर कहा गया है कि मुस्लिम अल्पसंख्यकों का विकास सुरक्षा की भावना के सुदृढ आधार पर टिका होना चाहिए।

नई दिल्ली : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार माता वैष्णो देवी की यात्रा के लिए दिल्ली से जम्मू-कश्मीर के कटरा तक एक्सप्रेस वे बनाने की कार्ययोजना पर काम कर रही है। अगर यह एक्सप्रेस वे बन जाता है तो माता वैष्णो के दरवार पहुंचने में भक्तों को 5 से 6 घंटे कम लगेगे। अभी लगभग 11 से 12 घंटे लगते हैं।

सरकार ने इसके लिए एक कंसल्टेंट भी नियुक्त किया गया है। इससे मां वैष्णो देवी का दर्शन करने के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को दिल्ली से कटरा पहुंचने में आसानी होगी। मां वैष्णो देवी का दर्शन करने के लिए श्रद्धालु कटरा पहुंचते हैं और फिर वहां से पैदल पहाड़ पर माता के दर्शन के लिए यात्रा शुरू करते हैं।

नई दिल्ली से कटरा के बीच बनने वाली इस 600 किलोमीटर यह एक्सप्रेस वे अबतक का देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे होगा, जो हरियाणा, पंजाब व जम्मू कश्मीर से होकर गुजरेगा। इसके निर्माण में 15,000 करोड रुपये खर्च आयेंगे।

सरकार ने इसके लिए एक कंसल्टेंट नियुक्त किया है, जो सारी चीजों का अध्ययन कर रहा है। यह एक्सप्रेस वे इस मामले भी अहम होगा कि दिल्ली से श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधे जुड़ जायेगा।
वैसे जम्मू व श्रीनगर के बीच नेशनल हाइवे है और उसके बाद जब इस प्रस्तावित एक्सप्रेस वे का निर्माण हो जायेगा तो इसके बीच जम्मू आयेगा, जिस कारण दिल्ली व श्रीनगर में सीधा जुडाव हो जायेगा। यह सामरिक दृष्टि से भी बडी उपलब्धि होगी।

फिलहाल, उत्तर भारत के उपरी इलाकों को छोड ज्यादातर श्रद्धालु दिल्ली होते हुए ही जम्मू व वहां से कटरा जाते हैं। कटरा जम्मू से 42 किलोमीटर की दूरी पर है। अभी दिल्ली से कटरा पहुंचने में लोगों को 11 से 12 घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेस वे के बन जाने के बाद पांच से छह घंटे में वहां पहुंचा जा सकेगा।

आने वाले दिनों केंद्र सरकार इस प्रस्तावित एक्सप्रेस को लेकर पंजाब, हरियाणा व जम्मू कश्मीर सरकार के साथ बैठक करने वाली है।

गौरतलब है कि इन तीन राज्य में हरियाणा में बीजेपी की अपनी व पंजाब व जम्मू कश्मीर में साझेदारी वाली सरकार है, ऐसे में भूमि अधिग्रहण में भी सरकार का दिक्कत नहीं आयेगी। एक अंग्रेजी अखबार ने इस आशय की खबर छापी है, जिसकी पुष्टि केंद्रीय सडक परिवहन मंत्री नीतीन गडकरी ने भी की है।

इससे पहले नरेंद्र मोदी सरकार उत्तराखंड के चार धाम यात्रा के लिए भी हाइवे बनाने की घोषणा कर चुकी है। धार्मिक पर्यटन के मद्देनजर आधारभूत संरचना के निर्माण के मुद्देनजर मोदी सरकार की यह दूसरी महत्वाकांक्षी परियोजना साबित होने जा रही है।

नई दिल्ली : वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव महर्षि को देश के नए गृह सचिव बनाया गया है। राजस्‍थान काडर के 1978 बैच के IAS अधिकारी राजीव, एलसी गोयल की जगह ली। उनका कार्यकाल दो साल का होगा। गौर हो कि इसी साल 5 फरवरी को अनिल गोस्वामी को पद से हटाने के बाद एलसी गोयल को गृह सचिव बनाया गया था।

सरकारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एलसी गोयल के होम सेक्रेटरी पोस्ट से वॉलेंट्री (स्वैच्छिक) रिटायरमेंट की अर्जी को मंजूरी दे दी है। गोयल ने निजी कारणों से तत्काल प्रभाव से सर्विस से रिटायरमेंट की रिक्वेस्ट की थी। लेकिन, असल में पीएम की नाराजगी को उनके इस कदम की वजह मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि म‍हर्षि को लाए जाने से राजनाथ सिंह नाखुश हैं।

गौर हो कि इसी साल फरवरी में तत्कालीन होम सेक्रेटरी अनिल गोस्वामी पर सीबीआई जांच को प्रभावित करने के आरोप लगने के बाद उन्‍हें हटा दिया गया था। उन पर शारदा घोटाले के आरोपी और पूर्व मंत्री मतंग सिंह की गिरफ्तारी टालने के लिए सीबीआई पर दबाव बनाने का आरोप था। उनकी जगह पर एलसी गोयल को 5 फरवरी को दो साल के लिए इस पोस्ट पर अप्वाइंट किया गया था।

गोयल बीते कुछ वक्त में पद छोड़ने वाले तीसरे टॉप ब्यूरोक्रेट हैं। इस साल जनवरी में विदेश सचिव सुजाता सिंह और डीआरडीओ के चीफ अविनाश चंदर को भी पद छोड़ना पड़ा था।

खबर आ रही है कि राजीव महर्षि को होम सेक्रेटरी बनाए जाने से गृह मंत्री राजनाथ सिंह खुश नहीं हैं। उनसे जब इस मामले में पूछा गया तो कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

महर्षि राजस्थान कैडर के 1978 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। अभी तक वह वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग में सेक्रेटरी थे। इस पोस्ट पर उनका कार्यकाल सोमवार को खत्म होने के मद्देनजर दो दिन पहले ही उनकी जगह पर शक्तिकांता दास को अप्वाइंट किया गया था। महर्षि मोदी सरकार के बेहद करीबी माने जाते हैं।

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने आज श्रीराम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें मुतालिक बंबई हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि उन्हें गोवा में प्रवेश करने दिया जाए। बंबई हाईकोर्ट ने गोवा में मुतालिक का प्रवेश वर्जित कर दिया था। कोर्ट ने का कि वे मारल पुलिसिंग करते हैं। चीफ जस्टिस एच एल दत्तू और जस्टिस अमिताभ राय ने मुतालिक की याचिका खारिज करते हुए कहा, 'यह आदेश गोवा में शांति बनाए रखने के लिए दिया गया होगा।'

कोर्ट ने कहा, 'गोवा के लोग अपने हित की रक्षा स्वयं करेंगे। आप क्या कर रहे हैं? आप लोग महज मॉरल पुलिसिंग कर रहे है। श्रीराम सेना के कार्यकर्ता एक पब में जबरन घुस गए और उन्होंने लड़कों और लड़कियों को पीटा।'

पुलिस ने मुतालिक और उनके सहयोगियों पर निषेधाज्ञा लगाई है और इस मामले में बंबई हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने हस्तक्षेप करने से दो जुलाई को इनकार कर दिया था जिसके बाद मुतालिक इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए थे। मुतालिक ने crpc की धारा 144 के तहत पारित निषेधाज्ञा पर भी सवाल उठाते हुए कहा था कि यह गैरकानूनी है और इसे उनकी बात सुने बिना बार बार पारित किया गया।

उन्होंने गोवा जाने की एकपक्षीय अनुमति मांगी थी। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए दावा किया कि यह मौतिक अधिकारों का उल्लंघन है। मुतालिक ने याचिका में कहा कि गोवा सरकार और दक्षिणी गोवा एवं उत्तरी गोवा के जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा बार-बार पारित निशेधाज्ञा 'अवैध है और यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।'

मुतालिक को राज्य में प्रेवश करने से रोकने का पहला आदेश उत्तरी गोवा और दक्षिणी गोवा के जिला मजिस्ट्रेटों ने पिछले वर्ष 19 अगस्त को 60 दिनों के लिए जारी किया था। इसके बाद आदेशों की अवधि आगे बढाई गई।

नई दिल्ली : गुजरात के पटेल समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे हार्दिक पटेल रविवार को दिल्ली मीडिया से खुलकर बात की और लगभग हर सवाल का अपने अंदाज में बेबाकी से जवाब दिया। 

हार्दिक ने इस मौके पर कहा कि गुजरात में नरेंद्र मोदी ने डेढ़ दशक तक राज किया, उन्हें मालूम होगा कि किस समाज को किस चीज की जरूरत है। हार्दिक बोले कि अगर मोदी गुजरात के सीएम होते तो पटेल समाज को अब तक आरक्षण मिल गया होता। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति’ के 22 वर्षीय नेता ने संवाददाताओं से कहा, ''हमें पूरे देश में इस मुद्दे को ले जाना है। हर किसी के सहयोग से आरक्षण के मुद्दे के बारे में हर आदमी, हर समाज और राज्य को बताना है।'' हार्दिक पटेल ने कहा कि वह इस आंदोलन को देश भर में ले जाएंगे। पटेल ने अपने समुदाय को भरोसे में लेते हुए कहा कि जहां भी मेरी जरूरत होगी, मैं वहां जाउंगा। उन्होनें कहा कि हम जंतर मंतर के अलावा लखनऊ तक प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।

हार्दिक के एक सहयोगी ने कहा, ''हम लोग आरक्षण की मांग कर रहे अन्य समुदायों के नेताओं से बातचीत करेंगे और देखेंगे कि आंदोलन को आगे कैसे ले जाया जा सकता है.''

हार्दिक ने गुजरात प्रदर्शन को मैराथन बताया। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई पटेल को ओबीसी में शामिल करने को लेकर है। मीडिया के एक सवाल पर हार्दिक ने कहा कि आम तौर पर कांग्रेस के लोग मुझे बीजेपी का कहते हैं और अन्य लोग भी किसी न किसी पार्टी से जुड़ा हुआ बताते हैं।

पटेल ने कहा कि कांग्रेस, बीजेपी, आप की रैली की भीढ़ और हमारी रैली में जुटने वाली भीढ़ की संख्या में बेहद अंतर है, इससे ये कहने का कोई मतलब नहीं है कि मेरे पीछे किसी पार्टी का हाथ है। 

बीकॉम स्नातक हार्दिक ने 25 अगस्त को अहमदाबाद में एक विशाल रैली की थी। रैली में हिंसा होने के बाद पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया था। इसके बाद हुई हिंसा में 10 व्यक्ति मारे गए, कई घायल हो गए और शहर के कुछ हिस्सों में प्रशासन को कर्फ़्यू लगाना पड़ा।

मुंबई:  कैंसर से जूझ रहे बॉलीवुड संगीतकार आदेश श्रीवास्तव मुंबई के उपनगरीय अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत नाजुक है। 48 साल के संगीतकार कैंसर के इलाज के लिए पिछले 41 दिनों से अंधेरी के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती हैं।

आदेश के साले और प्रसिद्ध संगीतकार ललित पंडित ने कहा, 'आदेश पिछले 41 दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। उनका कैंसर फिर से पनप गया है। यह तेजी से बढ़ रहा है। इस समय उनकी हालत नाजुक है। अमेरिका से लाए गए नए तकनीक वाले इंजेक्शन से उन्हें ज्यादा फायदा नहीं हुआ।'

उन्होंने कहा, 'ब्लड प्लेटलेट्स कम हैं जिनसे सर्जरी की संभावना कम हो जाती है। डॉक्टर अपना हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।' ललित ने कहा, 'मैं परिवार के साथ अस्पताल में हूं। हम उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं।' हालांकि अस्पताल प्रशासन आदेश श्रीवास्तव की बीमारी पर कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं। 

आदेश 'चलते चलते', 'बाबुल', 'बागबान', 'कभी खुशी कभी गम' और 'राजनीति' सहित कई फिल्मों में संगीत दे चुके हैं।

मुंबई : बॉलीवुड की सबसे सक्सेस जोड़ियों में से एक शाहरुख खान और काजोल एक बार फिर दर्शकों का दिल जीतने के लिए तैयार है। दोनों रोहित शेट्टी की फिल्म 'दिलवाले' में एक साथ नजर आएंगे।

बुल्गारिया में फिल्म 'दिलवाले’ की शूटिंग के बाद एक रोमांटिक गाना फिल्माने के लिए आइसलैंड पहुंची। इस शूट की एक वीडियो लीक हुई है। इसमें शाहरुख एक स्टाइलिश ऑरेंज बाइक पर ब्लैक जैकेट में बैठे हैं। काजोल भी मेकअप में खूबसूरत दिख रही हैं।

वहीं शाहरुख ने भी ट्वीट कर अपने फैंस को इसकी जानकारी दी। ट्विटर पर उन्होंने लिखा,  'फिल्मों में जिस तरह आप एक कहानी को जीना शुरू करते हैं, उसी तरह इसका अंत भी होता है ताकि आप नई कहानी शुरू कर सकें। आइसलैंड का रोड ट्रिप खत्म होने को है। मैं इसे मिस करूंगा।'

इस गाने को फराह खान कोरियोग्राफ कर रही हैं, जो इन दोनों सितारों के बीच कई रोमांटिक गाने (सूरज हुआ मद्धम, रुक जा ओ दिल दीवाने) पहले भी डायरेक्ट कर चुकी हैं।

रोहित शेट्टी के निर्देशन में बन रही 'दिलवाले' इस साल 18 दिसंबर को रिलीज होगी। फिल्म में वरुण धवन, कृति सैनन, बोनम ईरानी और विनोद खन्ना जैसे स्टार्स भी नजर आएंगे।

ब्लॉकबस्टर और कई रिकॉर्ड अपने नाम करने वाली एस एस राजामौली की फिल्म 'बाहुबली' के लिए पहली पसंद बॉलीवुड की रुप की रानी श्रीदेवी थी। लेकिन श्रीदेवी ने इसमें काम करने से मना कर दिया था। बाद में यह रोल रमैया कृष्णन ने निभाया।

जानकारी के मुताबिक श्रीदेवी की फीस सुनकर इस फिल्म के निर्माताओं की सांस अटक गई थी। दरअसल बाहुबली में अपना रोल श्रीदेवी को भी पसंद था। लेकिन बात नहीं बनने की बजह फीस बताई जा रही है

तमिल सिनेमा से लगभग तीन दशक दूर रहने के बाद श्रीदेवी फिल्म 'पुली' से वापसी कर रही हैं, लेकिन उनकी वापसी और भी जल्द हो सकती थी यदि उन्होंने फिल्म 'बाहुबली' के लिए इंकार नहीं किया होता। श्रीदेवी ने फिल्म 'पुली' के लिए हां की है तो इसके पीछे भी वजह बड़ी रकम ही बतायी जा रही है। इस बात का खुलासा नहीं हो सका है कि श्रीदेवी को कितनी बड़ी रकम चुकाई गई है, लेकिन बताया कि यह कॉलीवुड के ए-लिस्ट हीरों के मेहनताने के बराबर है। श्रीदेवी ने इस फिल्म के निर्माताओं से यह आश्वासन भी लिया था कि उनका रोल भी इस फिल्म में दमदार होगा।

बताया जा रहा है कि श्रीदेवी का किरदार इस फिल्म के हीरो विजय के बराबर ही रखा गया है। उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट साइन करते वक्त अपना मेकअप आर्टिस्ट सेट पर बुलाने और हर कॉस्ट्यूम खुद पसंद करने की शर्त भी रखी थी।

मुंबई : बॉलीवुड की क्वीन कंगना रानौत ने फिल्म इंडस्ट्री को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यहां महिलाओं की इज्जत नहीं की जाती। भले ही आज वह बॉलीवुड पर राज करने वाली क्वीन बन गई हों, लेकिन आज भी अभिनेत्री कंगना रानौत अपने बीते दिनों को नहीं भूला पाई हैं जब उनके साथ किसी संघर्षशील कलाकार के तौर पर बर्ताव किया जाता था।

दो नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली कंगना को बॉलीवुड की सबसे महंगी एक्ट्रेस बताया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के मंडी टाउन की रहने वाली कंगना ने एक इंटरव्यू में कई मुद्दों पर चर्चा की। उनकी नई फिल्म कट्टी-बट्टी जल्द ही रिलीज होने जा रही है।

अभिनेत्री का कहना है कि यह बहुत सही समय है जब लोग महिलाओं के प्रति अपने रवैये में तब्दीली ला रहे हैं। जब मैं फिल्म नगरी में अपना मुकाम हासिल करने के लिए जूझ रही थी तब मेरे साथ बहुत बुरा सलूक किया जाता था। महिलाओं के साथ इतना बुरा बर्ताव करने वालों को शर्म आनी चाहिए। लोग यही सोचते हैं कि क्या करेगी। केवल लड़की ही तो है।

कंगना ने कहा कि “कामयाबी मिलने से मैं बहुत खुश हूं लेकिन मैंने जो हासिल किया है उसके लिए मुझे कड़ी मेहनत करना पड़ी। मैं जिस जगह हूं वहां महिलाओं की इज्जत नहीं की जाती। मुझे भी कई बार इन हालात से गुजरना पड़ा। कामयाबी के बाद हालात बदल जाते हैं लेकिन आप उन लोगों को नहीं भूल पाते जिन्होंने आपके साथ गलत सलूक किया है। लोग टॉप एक्ट्रेस से जैसा बिहेव करते हैं वैसा न्यूकमर्स या स्ट्रगलर के साथ नहीं। लेकिन हो सकता है इन्हीं में से कोई कल कंगना बन जाए और फिर आपको उसके साथ काम करना पड़े तब कैसा लगेगा। यहां पुरुषों के साथ अलग जबकि महिलाओं के साथ अलग बर्ताव किया जाता है। मेरी कामयाबी से उन लोगों को यह सीखना चाहिए कि महिलाओं से बुरा बर्ताव नहीं किया जा सकता।”

यह पूछे जाने पर कि बॉलीवुड में आना महिलाओं के लिए कितना मुश्किल है, कंगना का कहना है कि उनके पास हमेशा से ही किसी तरह का समर्थन जरूर होना चाहिए। कंगना ने कहा कि एक समय था जब मैंने पेड़ों के आस पास डांस करने वाली भूमिका की लेकिन उन्हें कभी भी ऐसी भूमिकाओं से पहचान नहीं मिली।

लाहौर : सैफ अली खान और कटरीना कैफ के अभिनय से सजी फिल्म 'फैंटम' की पाकिस्तान में रिलीज पर बैन लग गया है। इस फिल्म पर लाहौर हाई कोर्ट ने बैन लगाया है। फिल्म के रिलीज के खिलाफ जमात-उद-दावा चीफ और 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने कोर्ट की शरण ली थी। इस पर कोर्ट ने पाकिस्तानी सरकार को 20 अगस्त तक जवाब देने को कहा था।

हाफिज सईद ने आरोप लगाया था कि यह फिल्म 26/11 के हमले के बाद के प्लॉट पर आधारित है और इसमें उनके और उनके संगठन के खिलाफ घृणित प्रचार किया गया है। इस फिल्म के ट्रेलर में जासूस बने सैफ अली खान को आतंकी के तौर पर हाफिद सईद का नाम लेते हुए दिखाया गया है। इसी के खिलाफ हाफिज सईद खुद फिल्म को रुकवाने को कोर्ट पहुंचा था। कोर्ट ने हाफिज की याचिका पर संघीय सरकार, पंजाब सरकार और सेंसर बोर्ड से 20 अगस्त तक जवाब देने को कहा था। 20 अगस्त की सुनवाई के बाद फिल्म पर बैन लगाने का फैसला किया गया।

संघीय सरकार ने लाहौर हाई कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर सूचित किया कि अभी तक किसी ने पाकिस्तान के सिनेमाघरों में फैंटम के प्रदर्शन के संबंध में उससे 'अनापत्ति प्रमाणपत्र' (एनओसी) नहीं मांगा है। सरकार के कानूनी अधिकारी ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि किसी ने संघीय सरकार से एनओसी नहीं मांगी है, इसलिए यह याचिका बेकार है और इसे खारिज किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'याचिकाकर्ता अनावश्यक रूप से सरकार को इस मामले में घसीटने का प्रयास कर रहा है।' हाफिज सईद के वकील ए के डोगर ने कहा, 'फिल्म के ट्रेलर की विषयवस्तु से याचिकाकर्ता और उसके साथियों की जान को सीधा खतरा है।' उन्होंने कहा कि यह फिल्म इस महीने की 28 तारीख को पाकिस्तान और भारत दोनों जगह रिलीज होनी है, जिसमें सामान्य रुप से जमात-उद-दावा के खिलाफ और खासतौर पर हाफिज सईद के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार है।

डोगर ने कहा, 'जाहिर है कि अनेक भारतीय अभिनेताओं और अभिनेत्रियों के मुंह से निकले संवाद पाकिस्तान की जनता के दिमाग में जहर घोलेंगे और हाफिज सईद को आतंकवादी चित्रित करेंगे जबकि जमात-उद-दावा को प्रतिबंधित संगठन घोषित नहीं किया गया है।' उन्होंने अदालत से पाकिस्तानी सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की गुहार लगाई।

न्यायमूर्ति शाहिद बिलाल हसन ने कहा कि भारतीय फिल्में और अन्य फिल्में रिलीज होने के बाद आसानी से बाजार में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, 'अगर सिनेमाघरों में फिल्म पर पाबंदी लगा दी भी जाती है तो इसे सीडी के रुप में बाजार में उपलब्ध होने से रोकने के लिए सरकार क्या कर सकती है।' यह फिल्म लेखक हुसैन जैदी के उपन्यास 'मुंबई अवेंजर्स' पर आधारित 'फैंटम' 26-11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद की स्थिति पर बनी है और वैश्विक आतंकवाद की बात करती है।

 

मुंबई : 2012 में आई फिल्म 'सन ऑफ सरदार' का सीक्वल बनने जा रहा है जोकि हॉलिवुड फिल्म '300' से मिलता-जुलता होगा। इस फिल्म में अजद देवगन 21 लोगों की फौज के साथ 10 हजार की फौज के साथ लड़ते दिखाया जाएगा।

इसकी जानकारी 'सन ऑफ सरदार' फिल्म के हिरो अजय देवगन ने दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा,'फिल्म 'सन ऑफ सरदार' के लिए आपकी शुभकामनाओं की आवश्यकता है। यह हॉलिवुड फिल्म '300' से मिलती-जुलती है और यह सीक्वल सारागढ़ी की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है। यह लड़ाई 12 सितंबर, 1897 को तिराह अभियान के दौरान लड़ी गई थी। 36वीं सिख रेजिमेंट के 21 सैनिकों ने सारगढ़ी किले को बचाने के लिए 10,000 अफगान और ओराकजई कबायलियों से युद्ध लड़ा था।

अजय देवगन, दिसंबर में 'शिवाय' की शूटिंग पूरी करने के बाद 'सन ऑफ सरदार' की शूटिंग शुरू करेंगे। अश्विनी धीर द्वारा निर्देशित फिल्म में संजय दत्त, सोनाक्षी सिन्हा और जूही चावला प्रमुख भूमिका में हैं। 'सन ऑफ सरदार' का सीक्वल 2017 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में आ सकता है।

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अंग्रेजी दैनिक ‘द हिन्दू’ में छपी उस खबर का खंडन किया जिसमें उन्हें डीडी किसान के लिए किए गए एक विज्ञापन के एवज में 6.31 करोड़ रूपए मेहनाताना दिए जाने की बात कही गई थी। बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने एक बयान जारी कर न केवल इस खबर का खंडन किया बल्कि ये भी कहा कि उन्होंने दूरदर्शन से इस संदर्भ में एक रूपया न तो लिया है और न ही इस तरह का कोई अनुबंध उनके और दूरदर्शन के बीच हुआ था। अपने बयान में उन्होंने इससे जुड़ी हुए एक दिलचस्प बात बताई है कि उन्होंने विज्ञापन एजेंसी लिंटास के लिए डी डी किसान का एक विज्ञापन बहुत दिनों पहले किया था लेकिन उन्होंने ये काम भी बगैर पैसे लिए निस्वार्थ भाव से किया था।

इससे पहले अंग्रेजी अखबार द हिन्दू ने ये दावा किया था कि अमिताभ बच्चन को डीडी किसान के लिए विज्ञापन करने के एवज में दूरदर्शन की ओर से अब तक का सबसे ज्यादा यानि 6.31 करोड़ रूपए दिए गए। अपने खबर में द हिन्दू ने भी विज्ञापन एजेंसी के जरिए इस इंडोर्समेंट के पूरे होने की बात कही थी साथ ही ये भी दावा किया था कि कड़े मोल ताल के बाद अमिताभ बच्चन के लिए ये राशि तय करवाने में विज्ञापन एजेंसी कामयाब हुई थी। अखबार का दावा पैसे न केवल दिए गए बल्कि दूरदर्शन के इतिहास में अब तक सबसे बड़ा भुगतान हुआ, बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन का सिरे से इंकार। ऐसे में सच इन दो दावों के बीच लगता है कहीं फंसा हुआ है। अगर अमिताभ बच्चन ने पैसे नहीं लिए तो डीडी किसान के लिए विज्ञापन के नाम पर पैसे की बंदरबाट कहां हुई, ये सवाल भी प्रासंगिक है। अगर डीडी ने विज्ञापन के लिए विज्ञापन कंपनी को पैसे दिए तो क्या वो अमिताभ बच्चन तक नहीं पहुंचे ? या फिर अमिताभ बच्चन के नाम से निकले पैसे बीच में ही मंडी हाउस की घुमावदार मानचित्र में कहीं फंस कर रह गया। ज़ाहिर है सार्वजनिक प्रसारक को इन सवालों के जबाव तो देने ही होंगे।

डीडी किसान चैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खास नजर है। ऐसे में अगर डीडी किसान की चौहद्दी से इस तरह के सवाल उठ रहे हों तो ज़ाहिर है इसे अच्छी शुरूआत तो कतई नहीं कहा जा सकता। अगर संदेह उठाए गए हैं तो ज़ाहिर है जबाव देने की जिम्मेदारी भी सार्वजनिक प्रसारक की है। ऐसे में अब सबकी नजरें उठ रही हैं सार्वजनिक प्रसारक की ओर कि अमिताभ बच्चन के इंकार के बाद उपजी शंका के सामाधान के लिए कोई ठोस जबाव शायद हो उसके पास।

चिदंबरम पर जूता चलाने वाले आआपा नेता ने अलग खालिस्तान की मांग का समर्थन किया है । अरविंद केजरीवाल की पार्टी आाआपा का ग्राफ लगातार गिर रहा है, कुछ उनकी अपनी हरकतों से तो कुछ उनके नुमाइँदों से । शायद इस पार्टी के नेताओं को सिर्फ चर्चा में बने रहने की आदत हो गई है और वो इसके लिए लगातार कुछ न कुछ हरकत करते रहते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में दिल्ली की एक सीट से आआपा ने एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया था जिसकी पहचान चिदंबरम पर जूता चलाने के अलावा कुछ और न थी। हालांकि वो चुनाव हार गए लेकिन राजनीति में आ गए और अब उनके कुछ बयान आजकल सोशल मीडिया पर वायलर हो रहे हैं। मीडिया सरकार उन वीडियोज को अपने पाठकों के लिए यहां पेश कर रहा है। पाठक इन वीडियोज को खुद देखें और फैसला करें कि जो पार्टी देश की राजनीति में बदलाव लाने की बात करती थी वो कितनी गंदी राजनीति की मिसाल बनती जा रही है। 

http://youtu.be/yPaufKnBkoQ

http://youtu.be/zD8a3U0Ggh0

http://youtu.be/JMYsn5CDQl8

https://www.youtube.com/watch?v=xq4pOZYwRhA

एक चिटफंडिए चैनल न्यूज़ एक्सप्रेस ने पिछले िदनों कांग्रेस के एक बड़े नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खर्शीद को बतौर गेस्ट एडिटर अपने संस्थान बुलाया । दफ्तर घुमाया, खबरों पर बात की और लल्लो चप्पो करते हुए एक शो रिकॉर्ड किया और सलमान साब विदा हो गए। एक अल्पबुद्धि का संपादक और क्या कर सकता है, लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की ऐतिहासिक दुर्गति के बाद वैसे ही इनके नेताओं से हार के मंथन के अलावा कोई और सवाल होते नहीं लिहाजा सलमान खुर्शीद के लिए एक नया अनुभव रहा होगा। मीडिया सरकार को मिले एक पत्र  के मुताबिक सलमान खुर्शीद नाकाबिलों की टीम से लैस संपादक और चैनल से खासे खफा बताए जाते हैं। जिस किस्म के सवाल उनसे पूछे गए, जिस किस्म की स्तरहीन बातें उनके साथ की गई उससे वो नाराज हो गए। लेकिन मीडिया सरकार को मिली जानकारी के मुताबिक अगर सलमान को सारी असलियत पता होती तो शायद वो यहां आने का रिस्क नहीं लेते। सलमान खुर्शीद को यह पता नहीं था कि चैनल में काफी कर्मचारियों को लगभग  दो महीने से तनख्वाह नहीं मिली है, उन्हें यह भी पता नहीं था कि पिछले हफ्ते कुछ वेंडर्स ने हंगामा किया था । अपने बकाए पैसे को लेकर टैक्सी प्रोवाइड करने वाले शख्स ने काफी गाली गलौज की थी और सीईओ महोदय चुपके से भाग निकले थे। इतना ही नहीं शायद सलमान खुर्शीद को यह भी मालूम नहीं होगा कि संस्थान के तथाकथित सीईओ पर उनके ही साथ काम करने वाली किसी सहयोगी ने बदतमीजी और शोषण का भी आरोप लगाया है। या फिर एनजीओ के बहाने विकलांगो के नाम पर पैसों के घपले में चर्चित हुए सलमान खुर्शीद को सब पता हो और उन्हें, उनके जैसा ही संस्थान मिला जहां जाने का मौका वो गंवाना नहीं चाहते हों। सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर मीडिया सरकार बताना चाहता है कि संस्थान के एक क्षेत्रीय चैनल के कर्ताधर्ता ने दफ्तर आना बंद कर दिया है और चैनल के मालिक ने सभी बड़े अधिकारियों को लास्ट अल्टीमेटम दे दिया है। ऐसे में चैनल के सुधरने की रही-सही उम्मीद भी खत्म होती दिख रही है। 

 

तुम हैवान हो ...डरपोक हो ....मक्कार हो

तुम इस्लाम के ही नहीं..नस्ले आदम के गुनहगार हो

तुमने बंदूक उठाके..निशाना जो लगाया होगा

यकीनन अल्लाह-ओ-अकबर का नारा जे़हन में आया होगा

तुमने देखी न होंगी मासूम की आंखें...निशाने पे सर था

तेरी गोली से जो मरा वो कोई अल्लाह का अकबर था

बात मुल्कों की नहीं...सरहद की नहीं...मज़हब की नहीं

बात ईश्वर की नहीं....अल्लाह की नहीं...रब की नहीं

बात इतनी सी है.....ये खून ही अब जागेगा

आज बहता हुआ आंसू......कल हिसाब मांगेगा

लहू सूखेगा नहीं.....मां का दूध माफ ना होगा

अल्लाह के गुनहार बता...तेरा कहां इंसाफ होगा ?

जो देख सकता है तो देख....मासूम जनाज़ों को

जो देख सकता है तो देख....मौत के रिवाजों को 

याद रख जिस दिन ....इंसान संभल जाएगा

लहू..लहू का फर्क दिलों से मिट जाएगा

तेरी तंज़ीम का हर हर्फ भी मिट जाएगा

तेरी बंदूक का लोहा भी पिघल जाएगा

तुझपे..तेरी जात पे...लानत हो ....दुत्कार हो

तुम इस्लाम के ही ...नस्ले आदम के गुनहगार हो

 

तेजतर्रार युवा पत्रकार पंकज शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार

 

या ख़ुदा...

खौफ़नाक मंज़र

हर पल कांपती रूह

डरावने सपने सी हकीकत

तड़तड़ाती बंदूकें

तड़पता ज़हीर

लहुलूहान असलम

अपनी आंखों के सामने

दोस्तों का यूं रूख्सत होना

या अल्लाह... 

इन ज़ालिमों को सज़ा दे

या ख़ुदा...

इन जल्लादों पर कहर बरपा

मेरे असलम को बचा ले

मेरे ज़हीर को जगा दे 

मेरे दोस्तों पर रहम कर 

हमारा स्कूल हमें लौटा दे

अलविदा...

अम्मी जान के हाथों की 

वो मुलायम सी छुअन

भागती दौड़ती लंच बनाती

सलामती की दुआ करती

अम्मी, हमें बचा लो

अब्बू, हमें जल्दी से ले चलो

आपा, हमें घर बुला लो

जाने कहां से आ गए ये ज़ालिम

मेरे प्यारे स्कूल में ये क्या हो गया

हर तरफ़ बस खून ही खून

अब सांसें थमती जा रही हैं

दर्द का एहसास खत्म हो रहा है

सबकुछ एकदम धुंधला सा..

वो आग उगलती बंदूकें, 

वो दोस्तों के तड़पते जिस्म..

वो क्लासरूम के लाल हो गए ब्लैकबोर्ड...

अम्मी... अब्बू... आपा... अलविदा...

 

वरिष्ठ पत्रकार अतुल सिन्हा के फेसबुक वॉल से साभार

• केजरीवाल कहते है की वो गरीब किसानों का समर्थन करते है और उनको उनका हक दिलवाना चाहते है. लेकिन दूसरी तरफ आआपा नेता योगेश दहिया जिसने सहारनपुर के किसानो के 300 करोड़ का मुआवजा खाया उसे आआपा के कृषि सुधार समिति में रखा और सहारनपुर से लोकसभा का टिकट दिया !

• केजरीवाल जी ने आरटीआई कार्यकर्ता संतोष कोहली की हत्या के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया की माफियाओं ने उसकी हत्या कर दी और उसे न्याय मिलना चाहिए। जब केजरीवाल मुख्यमंत्री बने उन्होंने 49 दिन की सरकार के दौरान हत्या के मामले में उच्चस्तरीय न्यायिक या सीबीआई जांच की सिफारिश कभी नहीं की !

• केजरीवाल कहा की अन्ना आंदोलन का सारा पैसा आंदोलन के समय ही पूरा खत्म हो गया था. जब यह मामला और उछला तो उन्होंने कहा की केवल 2 करोड़ रुपय बचे थे. बाद में अन्ना के ब्लॉगर राजू परुलेकर ने बताया की आंदोलन में करीब 200 करोड़ की राशि जमा हुई थी, जो केजरीवाल जी ने अन्ना को कभी नहीं दिया। केजरीवाल ने कहा था की यदि अन्ना अपने आप को आआपा से अलग कर लेंगे तो वह भी आआपा से हट जायेंगे लेकिन केजरीवाल ने क्या किया ?

• अरविंद केजरीवाल ने कहा की वो अपनी पार्टी में आलाकमान संस्कृति के खिलाफ है. जबकि सच यह है की उनकी पार्टी में सबसे ज्यादा आलाकमान संस्कृति है. सब कुछ चार-चौकड़ी तय करती है ! आआपा छोड़ने वाले सभी नेताओ ने यह बात कही की “स्वराज” केवल टोपी पर ही रह गया है!

• केजरीवाल जी ने कहा की उनकी पार्टी के नेता सरकारी निवास नहीं लेगे. लेकिन दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने खुद 5 कमरों वाले दो बंगलो के आवंटन के लिए अनुरोध किया !

• केजरीवाल ने पहले कैमरे के सामने कहा की विनोद कुमार बिन्नी ने कभी भी टिकट नहीं माँगा। लेकिन जब बिन्नी ने केजरीवाल द्वारा दिल्ली की जनता को दिए गए धोखे के कारण विरोध किया तो केजरीवाल जी ने कह दिया की बिन्नी ने टिकट माँगा था.

• अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के 2 घंटे के दौरे के बाद कह दिया की उन्हें गुजरात में कही भी विकास देखने को नहीं मिला, गुजरात में कुछ विकास नहीं हुआ ! पूरा विश्व आज गुजरात के विकास की बात कह रहा है. जहा शहरो में ही नहीं बल्कि सभी 18,000 गॉवो में 24x7 बिजली है?

• गुजरात दौरे के दौरान जानबूझकर आचार संहिता का उल्लंघन किया | बाद में जांच से पता चला की कार्यकर्ताओं को इस घटना के पहले ही हजारों SMS भेज कर किसी बड़े घटना को अंजाम देने की पूर्व तैय्यारी थी ताकि पूरे देश में उनकी डूबती लोकप्रियता को बढाया जा सके |

• आआपा की अंजलि दामनिया के खिलाफ भूमि हड़पने के केस चल रहे हैं ! अंजलि पार्टी में एक प्रमुख नेता है लेकिन केजरीवाल मिडिया को बताते हैं की वो एक सामान्य कार्यकर्ता है |

• केजरीवाल ने कहा की ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के अनुसार उनकी सरकार में भ्रष्टाचार में कमी आई है. बाद में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने स्पष्टीकरण दिया की केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं |

• जब लोगो ने प्रश्न किया की आपके पास भ्रष्टाचार के इतने सबूत है तो आप कोर्ट क्यों नहीं जाते तो उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट कचेहरी पर भरोसा नहीं है अर्थात विधायिका-कार्यपालिका-न्यापालिका-प्रेस झूठे है केवल केवल केजरीवाल सच्चे है !

• भाषण देते हुए केजरीवाल कैमरे पे तो कहते हैं की उन्होंने देश का भ्रमण किय लेकिन उन्हें कहीं मोदी की लहर नहीं दिखी ! किन्तु कैमरे के पीछे वो एक पत्रकार से ये कहते हुए पकडे गए की "भाई देश में मोदी लहर तो है "

• जब सोमनाथ भारती का इन्टरनेट पोर्न साइट के मामले में नाम आया तो केजरीवाल ने कहा की सोमनाथ निर्दोष है | बाद में हुई जांच पड़ताल से पता चला की सोमनाथ भारती दोषी है |

• केजरीवाल ने कैमरे पे कहा की किसी भी विधायक को 2014 चुनावों के लिए सांसद का टिकट नहीं मिलेगा जबकि केजरीवाल एक विधायक होते हुए स्वयं लोक सभा का चुनाव लड़े |

• केजरीवाल ने दिल्ली के औटोवालों को कई वादे किये लेकिन 49 दिन की सरकार के दौरान औटोवालों से किये सभी वादों को दरकिनार कर दिया |

• आन्दोलन के समय जब अन्ना हजारे को कांग्रेस सरकार ने बंदी बनाया था तब केजरीवाल ने कहा की अन्ना को साधारण मुजरिमों के साथ रखा गया है | जांच के बाद यह बात झूठ साबित हुई तथा यह बात स्वयं केजरीवाल को इण्डिया टुडे एन्क्लेव में स्वीकारनी पड़ी |

• गुजरात के दौरे पे केजरीवाल जब जानबूझ कर अचार संहिता का उल्लंघन करते पकडे गए तो उन्होंने सरासर झूठ बोल दिया की उन्होंने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है | बाद में जांच से पता चला की केजरीवाल झूठ बोल रहे थे , तत्पश्चात उनपे प्राथमिकी दर्ज करायी गयी |

• जब आआपा के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में दंगा फसाद किया तब केजरीवाल ने कहा की इसमें आआपा के कार्यकर्ताओं का कोई हाथ नहीं | कैमरे की फुटेज देखने से यह साफ़ हो गया की केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं | आआपा नेता आशुतोष और तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह अपने समर्थको के साथ बीजेपी कार्यालय में स्वयं तोड़ फोड़ करते देखे गए | यही नहीं, आआपा ने सभी कार्यकर्ताओं को एकत्रित होने के लिए हजारों की संख्या में SMS भेजे थे |

• दिल्ली के मुख्यमंत्री बनाने के बाद जब केजरीवाल ने धरना किया तब आरोप लगाया की उनके कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलस ने चाय तक नहीं पीने दी, सुलभ शौचालय बंद करवा दिए | बाद में उनके कार्यकर्ता न सिर्फ चाय बल्कि शराब आदि का सेवन करते भी पकडे गए |

• केजरीवाल ने कहा की वह आम आदमी है और सभी आमजनो से मिलने के लिए कभी भी उपलब्ध है | सच तो ये है की उनसे मिलने के लिए 20,000 से ऊपर खर्चने पड़ते हैं !

• केजरीवाल ने कहा था दिल्ली में उसकी सरकार बनते ही 15 दिनों के भीतर जनलोकपाल बिल पास कराया जायेगा , ऐसा कुछ भी नहीं किया गया | वो यह बोल कर पीछे हट गए की भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अंतर्गत वह दिल्ली विधान सभा में यह विधेयक पास नहीं कर पा रहे | सच्चाई तो यह है की यह दिशानिर्देश बहुत पहले दिया जा चूका था ! अपने झूठे वादे करते समय केजरीवाल को इस निर्देश के बारे में भली भाँती ज्ञात था, फिर भी मात्र वोट लेने के चक्कर में सभी को झूठ बोला | केजरीवाल ने जनलोकपाल का ड्राफ्ट विधायको को पढने के लिए नहीं दिया ! दिल्ली में पहले से ही लागू लोकायुक्त कानून को अमेंड नहीं किया !

• राहुल कँवल (आज तक) को केजरीवाल ने कहा की मिडिया उन्हें कवरेज नहीं देती ! जब राहुल कँवल ने याद दिलाया की एक हफ्ते पहले ही केजरीवाल का साक्षात्कार प्रदर्शित किया गया था, तब आखिरकार केजरीवाल को अपना झूठ मानना पड़ा ! फिर भी अपने आप को लाचार एवं बेचारा दिखाने की आदत गयी नहीं |

• केजरीवाल जी कहते हैं की उन्होंने एक किताब लिखी है जिसका नाम है "स्वराज" लेकिन सच्चाई यह है की अजय पल नागर द्वारा लिखी गयी "स्वराज" से सारी बातें चुरा कर स्वयं की किताब लिख डाली और नागर जी का नाम तक नहीं लिखा !

Top Stories

Grid List

कोलंबो : भारतीय टीम ने 22 साल बाद श्रीलंका को उसी के सरजमी पर मात दी है। विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने इस टेस्ट सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया है। तीसरे और अंतिम मैच में भारत ने मेजबान श्रीलंका को जीत के लिए 386 रन का टारगेट दिया था। जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम 268 रन पर ऑल आउट हो गई। और टीम भारत ने यह मैच 117 रन से जीत लिया। पहली पारी में शानदार सेंचुरी लगाने वाले चेतेश्वर पुजारा को मैन ऑद द मैच चुना गया, जबकि सीरीज का हिरो आर. अश्विन को मैन ऑद दी सीरीज से नवाजा गया।

चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 3 विकेट के नुकसान पर 67 रन बनाए थे। श्रीलंका को दूसरी इनिंग में पहला झटका इशांत शर्मा ने दिया। ओपनर उपुल थरंगा बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। इसके कुछ समय बाद ही उनका दूसरा विकेट भी गिर गया। उमेश यादव ने करुणारत्ने को भी खाता खोलने का मौका नहीं दिया और उन्हें विकेटकीपर नमन ओझा के हाथों कैच आउट करवा दिया। इशांत शर्मा ने चांडीमल (18) को आउट कर श्रीलंका को तीसरा झटका दिया।

इशांत शर्मा के बाद ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कमाल की गेंदबाजी से आखिरी समय में अहम विकेट निकालकर मेजबान टीम को 85 ओवरों में 268 रन पर ढेर कर दिया। भारत ने इस तरह तीन टेस्टों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली जो उसकी श्रीलंकाई जमीन पर 22 साल बाद पहली टेस्ट सीरीज जीत है।

भारत ने श्रीलंका में आखिरी बार मोहम्मद अजहरूद्दीन की कप्तानी में वर्ष 1993 में 1-0 की जीत दर्ज की थी। भारत ने श्रीलंका में इसके बाद से चार टेस्ट सीरीज खेली हैं जिनमें वर्ष 2001 और 2008 में सीरीज हारी थी जबकि वर्ष 1997 और 2010 में सीरीज ड्रॉ रही थी।

पणजी : गोवा के 11 नगर निकायों के चुनाव 25 अक्टूबर को कराए जाएंगे। राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी की एक विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई।

राज्य चुनाव आयुक्त की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज के मुताबिक “राज्य के 11 नगर परिषदों के चुनाव के लिए 25 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके लिए तैयारियों की घोषणा कर दी है।“ 

30 सितंबर से चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी और 27 अक्टूबर को मतगणना के साथ समाप्त होगी। 

नई दिल्ली/तिरूवनंतपुरम:  पिछले साल लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस खुद का एक नेशनल टीवी चैनल लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है। पार्टी के बड़े नेताओं का मानना है कि टीवी चैनल लाने से पार्टी और जनता के बीच कम्युनिकेशन गैप कम करने में मदद मिलेगी। लोकसभा चुनाव में हार का विश्लेषण करने वाली पार्टी की जांच कमिटी के अध्यक्ष ए.के. एंटनी ने माना है कि टीवी चैनल लाने पर पार्टी के भीतर चर्चा चल रही है।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी टीवी चैनल लाने का केरल मॉडल पसंद आया है जहां साल 2007 से पार्टी का ‘जयहिंद’ नाम से पार्टी का अपना टीवी चैनल चल रहा है, और इसके अच्छे नतीजे मिले हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केरल के सीएम ओमन चांडी और गृह मंत्री रमेश चेन्नीथाला टीवी चैनल लाने के बारे में एक डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं जिसे सोनिया गांधी को सौंपा जाएगा। एंटनी के मुताबिक, पार्टी के अंदर इस बात के लिए मांग चल रही है कि एक नेशनल टीवी चैनल लॉन्च किया जाए ताकि पार्टी और जनता के बीच दूरियों को कम किया जा सके।

कांग्रेस नेताओं को लगता है कि पिछले आम चुनाव के दौरान पार्टी और जनता के बीच कम्युनिकेशन गैप था। पार्टी अपनी कामयाबियों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में नाकाम रही। एंटनी खुद इस बात को मानते हैं कि बीजेपी, कांग्रेस और जनता के बीच कम्युनिकेशन गैप को अपने फेवर में करने में कामयाब रही।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को लगता है कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी पार्टी और जनता के बीच कम्युनिकेशन गैप बना हुआ है। कुछ नेता मानते हैं कि संसद में चल रहे हंगामे के लिए बीजेपी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने में कामयाब हो रही है।

केरल में कांग्रेस के सीनियर लीडर और पार्टी के टीवी चैनल ‘जयहिंद’ के मैनेजिंग डाइरेक्टर एम.एम. हासन ने कहा, “प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का काम चल रहा है और इसे जल्द ही पार्टी प्रेसिडेंट को सौंपा जाएगा।” वैसे, जयहिंद टीवी चैनल की सक्सेस के बाद कांग्रेस केरल में एक एंटरटेनमेंट टीवी चैनल लाने की भी प्लानिंग कर रही है।

भारत को जानने के लिए गांवों को जानना जरूरी है जहां बसती है भारती की आत्मा। दुनिया भारत को अपनी आंखों से जानना समझना चाहती है। लिहाजा बुंदेलखंड इलाके के गांवों में भारत को जानने समझने के लिए घुम रहे इन चार छात्रों के मन में ये विचार अनायास नहीं आया। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की बनावट को गहराई से समझ रहे दुनिया के अलग अलग मुल्कों से आए इन छात्रों का कहना है “गांवों को समझने का हमारा ये प्रयोग बहुत उपयोगी और मनोरंजक रहा इसलिए भी क्योंकि ये बहुत चुनौतीपूर्ण था और हमें इस देश के स्थानीय परंपराओं को अपनाना था। इस दौरान हमें अनेकों दिलचस्प लोगों से मिलने का मौका मिला जिनसे हम आगे भी जुड़े रहेंगे। इस दौरान हमें खुद ही फैसले लेने का भी अनुभव हासिल हुआ। कुल मिलाकर हमारा मानना है कि ये हमारे कैरियर को लेकर बेहद उपयोगी रहा साथ ही भारत लौट कर आने और यहां काम करने की दिशा में सोचने के लिए गहराई तक प्रेरित कर रहा है।“ 

पेरिस में प्रबंधन की पढ़ाई कर रहे 22 साल की लेबनान की छोले एबडेस्साटेर, 21 साल के फ्रांस की हेलेने इवेन और योलेने ग्रास्सेलीन और यूनान के 22 वर्षीय वेसिलियोस थियोडोरूउ के लिए ये दौरा बेहद मनोरंजक और खास रहा। ठेठ गंवई अंदाज में दशहरी आम का मजा लेना, आगरा, खजुराहो जैसे पर्यटक स्थलों पर बिंदास घुमते हुए फोटोग्राफी का आनंद भारत के इस दौरे को इनके लिए बेहद अहम बनाता है। गांवों में घुमते लोगों से बतियाते भारतीय संस्कृति को गहराई से जानने समझने का ये मौका इन युवाओं को अभिभूत कर रहा है। 

प्रबंधन के इन छात्रों को पढ़ाई के दौरान रिसर्च करने की जिम्मेदारी निभानी थी। लेकिन भारत के गांवों में घुमते ये जिम्मेदारी इतनी मनोरंजक, अनुभव के नए आयाम खोलने वाला होगा इसकी जरा सी भी भनक भारत आने से पहले इनको नहीं थी। हेलेन इवेन कुछ साल पहले भी भारत आई थी लेकिन बांकि तीनों छात्रों के लिए ये भारत का पहला दौरा था। छोले ऐबडेस्साटेर बताते हैं “ इस खुबसुरत देश की ये हमारी पहली यात्रा थी। ये बहुत ही मनोरंजक और अभिनव अनुभव रहा। शुरूआत में थोड़ा चुनौतिपूर्ण लगा लेकिन बाद में यहां के लोगों के दोस्ताना और सहयोगपूर्ण व्यवहार की वजह से हम बहुत तेजी से यहां के अनुकूल होते गए”। 

ये युवा पेरिस में स्थित यूरोप के एक शीर्ष प्रबंधन संस्थान एचईसी के छात्र हैं। भारत स्थित एक एनजीओ डेवलेंपमेंट अल्टर्नेटिव की मदद से भारत के गांवों से जुड़े अपने रिसर्च और फिल्ड वर्क पुरा करने में इनके लिए अनुभवों का एक नया पिटारा खुला। योलोन ग्रास्सलीन बताते हैं “हम फिल्ड वर्क को समझने और महिलाओं में साक्षरता बढ़ाने वाली तारा अक्षर कार्यक्रम के सामाजिक प्रभाव का समझने आए थे। ग्रामीणों के साथ वक्त बिताना हमारे लिए बहुत उपयोगी रहा।