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काबुल : तालिबान ने हक्कानी नेटवर्क के संस्थापक जलालुद्दीन हक्कानी की मौत की खबर को सिरे से खारिज कर दिया है। शुक्रवार को पाकिस्तानी मीडिया में हक्कानी की मौत की खबर छपी थी। जिसे बेबुनियाद और निराधार बताते हुए तालिबान ने अपनी वेबसाइट पर पाक मीडिया का जिक्र करते हुए जलालुद्दीन हक्कानी की मौत की खबर का खंडन किया। तालिबान ने कहा है कि जलालुद्दीन हक्कानी बीमार जरूर था, पर अब पूरी तरह स्वस्थ है।

आपको बता दे कि पाक मीडिया में हक्कानी की मौत की खबर ऐसे वक्त में आई थी, जब उसके बेटे सिराजुद्दीन हक्कानी को तालिबान चीफ मुल्ला उमर की मौत के बाद संगठन का उप नेता बनाने का ऐलान किया गया था। बता दें कि यह आतंकी नेटवर्क अफगानिस्तान में तालिबान का सबसे खतरनाक आतंकी गुट माना जाता है।

एक तालिबानी कमांडर के मुताबिक, जलालुद्दीन हक्कानी के परिवार ने भी खबरों को अफवाह करार दिया है। कमांडर के मुताबिक, जलालुद्दीन हक्कानी के पोते ने कहा है कि उसका दादा जिंदा है। बता दें कि मुल्ला उमर की मौत के बाद अफगानिस्तान तालिबान ने मुल्ला अख्तर मंसूर को अपना नया नेता चुना है। वहीं, सिराजुद्दीन को उप नेता नियुक्त किया है।

गौरतलब है कि जलालुद्दीन हक्कानी अमेरिका की मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की सूची में शामिल है। उस पर 10 मिलियन डॉलर (63 करोड़ रुपए) का ईनाम है। उसके दस बेटों में से तीन की मौत ड्रोन हमले में हो चुकी है। वहीं, चौथे बेटे की इस्लामाबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

मौलवी जलालुद्दीन हक्कानी के नाम पर संगठन का नाम हक्कानी नेटवर्क रखा गया है। जलालुद्दीन हक्कानी कबायली जनजाति ‘जदरान' से आता है। उसका जन्म अफगानिस्तान के पाकतिया प्रांत के गर्दा त्सेरे जिले के श्रानी में हुआ था। कहा जाता है उसकी दो पत्नियां हैं। पहली पत्नी खोस्त की जदरान कबायली है, जबकि दूसरी अरब की है। इस वजह से उसका अरब और पश्तून के आतंकवादियों में अच्छी पैठ है। पश्तून में उसे लोगों का समर्थन मिलता है तो अरब से पैसा।

न्यूयॉर्क : फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग के घर एक नन्हा मेहमान आने वाला है। जुकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला चेन एक बेटी के माता-पिता बनने वाले हैं। इसकी जानकारी जुकरबर्ग ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर दी। इससे पहले जुकरबर्ग की पत्नी का तीन बार गर्भपात हो गया था और यह दंपत्ति काफी मानसिक पीड़ा के दौर से गुजर रहा था।

जुकरबर्ग ने अपने फेसबुक पेज पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा,

‘प्रिसिला और मेरे पास आपके लिए एक खास खबर है। हम एक बेटी के माता-पिता बनने वाले हैं। यह हमारी जिंदगी का एक नया अध्याय होगा।’

उन्होंने कहा, ‘मैं और प्रिसिला खुशकिस्मत हैं कि हमें लोगों को जिंदगियों से जुड़ने का मौका मिला। अब हम अपने बच्चे और आने वाली पीढ़ी के लिए दुनिया को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।’ जुकरबर्ग की इस पोस्ट को नौ घंटे के भीतर फेसबुक पर 70 हजार कमेंट मिले और लगभग 28000 लोगों ने इसे शेयर किया।

31 वर्षीय टेक्नोक्रेट जुकरबर्ग ने लिखा, ‘जब आप को पता चलता है कि आपकी जिंदगी में एक बच्चा आने वाला है तो आप बहुत सारे सपने संजोना शुरू कर देते हैं। आप उसके भविष्य को लेकर सपने बुनने लगते हैं। आप योजनाएं बनाने लगते हैं और एक दिन अचानक यह सपना टूट जाता है। यह अनुभव बहुत ही दुखद होता है।’ इस पर जुकरबर्ग ने कहा कि कई लोग गर्भपात को लेकर खुलकर बात नहीं करते लेकिन आज के दौर में आप अपनी परेशानियां और डर लोगों से साझा कर सकते हैं। जुकरबर्ग ने कहा, ‘हम अपनी बेटी के दुनिया में आने का इंतजार कर रहे हैं और उसके आने की जानकारी भी आपको जल्द ही देंगे।’

लंदन : हैम्पशायर-सरे बॉर्डर पर स्थित ब्लैकबुश एयरपोर्ट पर एक विमान दुर्घटना में आतंकी ओसामा बिन लादेन के परिवार के 3 लोगों सदस्यों समेत 4 लोगों की मौत हो गई।

हादसा उस वक्त हुआ जब फेनॉम 300 जेट विमान हैंपशायर के ब्लैकबुशे एयरपोर्ट पर लैंड होने वाला था, लेकिन वह निर्धारित सीमा से बाहर निकल गया। पुलिस और यूके में सऊदी दूतावास ने इस घटना की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि लैंडिग के समय विमान एक कार से टकरा गया और देखते ही देखते दोनों में आग लग गई।  और विमान में सवार लादेन की सौतेली मां और बहन की मौत हो गई।

पेशावर : तालिबान के सुप्रीम कमांडर मुल्ला उमर के मौत की पुष्टि के बाद तालिबान ने डिप्टी कमांडर मुल्लाह अख्तर मोहम्मद मंसूर को अपना नया सुप्रीम नेता चुना है। तालिबान के दो कमांडरों ने मंसूर के नेता चुने जाने की पुष्टि की है। उधर पाकिस्तान में अफगानिस्तान सरकार और तालिबान के प्रतिनिधियों के बीच चल रही शांति वार्ता को मुल्ला उमर के मौत के बाद स्थगित कर दिया गया है।

काबुल में पाकिस्तान की ओर से दिए गए बयान में शांति वार्ता को स्थगित होने के पीछे मुल्ला उमर की मौत को वजह बताया गया है जिसमें ये आशंका जताई गई है कि तालिबान में शीर्ष नेता को चुनने के लिए खूनी संघर्ष शुरू हो सकता है। 

उधर तालिबान के सर्वोच्च प्रतिनिधियों की बैठक शुरा में शिरकत कर रहे कुछ प्रतिनिधियों के हवाले से ये खबर आई है कि पाकिस्तान के क्वेटा में मौजुद तालिबान के शीर्ष प्रतिनिधियों ने शुरा की बैठक बुलाकर मुल्लाह अख्तर मोहम्मद मंसूर को अपना नया सुप्रीम कमांडर चुन लिया है। बुधवार की रात शुरा की बैठक के बाद बैठक में मौजुद एक प्रतिनिधि ने बताया कि क्वेटा के बाहर हुई शुरा में सर्वसम्मति से मुल्लाह मंसूर को तालिबान का नया आमिर चुना गया। इस आशय का बयान जल्द ही शुरा जारी करेगी। प्रतिनिधि के मुताबिक तालिबान के हक्कानी धड़े के नेता सिराज़ हक्कानी को मंसूर की जगह डिप्टी लीडर चुना गया है।

काठमांडू : इस बार नेपाल में प्राकृति का कहर बरपा है। नेपाल में भारी बारिश के बाद भूस्खलन में 20 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 42 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस भूस्खलन से पोखरा के पास के दो गांव प्रभावित हुए हैं। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक यहां कम से कम 22 घर तबाह हो गए।

नेपाल सरकार ने आशंका जताई है कि कुछ महीने पहले हुए दो विनाशकारी भूकंप के कारण मॉनसून सीजन में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। नेपाल में विनाशकारी भूकंप ने 9,000 लोगों की जान ले ली थी।

भूस्खलन वाले इलाके पहाड़ी होने के कारण बचान कार्य में भी काफी दिक्कते आ रही है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार भारी बारिश के कारण इन गांवों को जोड़ने वाले पुल के बह जाने के कारण भी लोगों की जान गई है.

त्रिपोली: लीबिया की राजधानी त्रिपोली की एक अदालत ने तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के पुत्र सैफ अल इस्लाम और उसके आठ वफादार अफसरों को वर्ष 2011 की जनक्रांति को कुचलने के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। सैफ पर 2011 में हुए जनक्रांति के वक्त पिता की सत्ता बचाने के लिए सैकड़ों की हत्या कराने, नरसंहार को भड़काने, दुष्कर्म जैसे संगीन आरोप हैं। अदालत ने सैफ और अन्य आरोपियों को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतारने का आदेश दिया है। हालांकि आरोपियों के पास अभी उच्च अदालत जाने का विकल्प है। मौत की सजा पाने वालों में गद्दाफी के पूर्व खुफिया प्रमुख अब्दुल्ला अल सेनुसी, पूर्व प्रधानमंत्री बगदादी अल महमूदी भी शामिल हैं। आठ अन्य अधिकारियों को उम्रकैद और सात को 12-12 साल कैद की सजा दी गई है। जबकि चार को बरी कर दिया गया है।

वर्ष 2011 में तानाशाह मुहम्मर गद्दाफी के खिलाफ सत्ता परिवर्तन के लिए जनक्रांति हुई थी। इस क्रांति को कुचलने के लिए गद्दाफी सारी हदे पार कर चुका था। लेकिन फिर भी अपनी सत्ता को बचा नहीं सका। इस दौरान गद्दाफी की हत्या भी कर दी गई।

गौरतलब है कि गद्दाफी के मारे जाने के बाद लीबिया की सत्ता पाने के लिए कई जातीय संगठन संघर्ष कर रहे हैं। सैफ नवंबर 2011 से जिस विद्रोही संगठन के कब्जे में है, वह अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त और निर्वाचित सरकार के प्रति वफादार है। पिछले साल अगस्त में इस्लामिक सशस्त्र गुट के राजधानी त्रिपोली में कब्जा जमाने के बाद अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के प्रतिनिधि देश के पूर्वी क्षेत्र की ओर भाग गए। संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया के सभी गुटों से सुलह कर एक सरकार बनाने का न्योता दिया है, 11 जुलाई को मोरक्को में कई जातीय संगठनों ने यह प्रस्ताव स्वीकार किया है।

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट के डिप्टी रजिस्ट्रार (शोध) और डेथ पेनेल्टी रिसर्च प्रोजेक्ट के निदेशक प्रोफेसर अनूप सुरेंद्रनाथ ने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि सोशल साइट पर उन्होंने मुंबई बम धमाकों में याकूब मेमन की फांसी पर मुहर लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की है। मेमन को फांसी देने के फरमान पर रोक के लिए दायर याचिका के साथ भी वह संबद्ध थे।

न्यायालय के सू़त्रों ने बताया कि उन्होंने 30 जुलाई को ही इस्तीफा दे दिया था और उन्हें पदमुक्त कर दिया गया है। सूत्रों ने यह भी बताया कि डिप्टी रजिस्ट्रार (शोध) का न्यायिक कार्य से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें अनुबंध पर रखा गया था। त्यागपत्र में उन्होंने यूनिवर्सिटी में मृत्युदंड के कार्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की बात कहते हुए इस्तीफा दिया है। 

सुरेंद्रनाथ ने सोशल साइट पर लिखा, 'चंद घंटों के भीतर दो फैसलों की शीर्ष अदालत के अंधकारमय घंटों के रूप में गणना होनी चाहिए। उन्होंने 29 जुलाई को चार बजे के फैसले में राजीव के हत्यारों के आजीवन कारावास को बनाए रखने और 30 जुलाई को सुबह पांच बजे याकूब की फांसी के फैसले का जिक्र किया। याकूब को फैसले के दो घंटे के भीतर ही फांसी दे दी गई थी। 

शीर्ष अदालत में करीब 20 डिप्टी रजिस्ट्रार हैं। इनमें से कुछ न्यायपालिका के बाहर से शामिल किए गए हैं। अनूप दिल्ली के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के संकाय सदस्य और मृत्युदंड शोध परियोजना के निदेशक हैं।

नई दिल्ली : पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद शशि थरूर पार्टी में अपने महत्व को जताना चाहते हैं। क्योंकि पहले वे पार्टी नेतृत्व की प्रशंसा करते नहीं थकते थे वहीं अब वे पार्टी नेतृत्व से सवाल कर रहे हैं कि पार्टी में उनके कार्य की प्रशंसा नहीं की जाती है।

उन्होंने अपने ही पार्टी नेतृत्व को कठघरे में खड़ा करते हुए सोनिया गांधी को तल्ख चिट्ठी लिखी है।

थरूर ने लिखा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने कभी मेरे अच्छे कामों की तारीफ नहीं की। चिट्ठी में उन मीडिया रिपोर्ट्स का भी जिक्र है, जिनमें कहा गया है कि थरूर संसद में हंगामा करने के खिलाफ हैं और 22 जुलाई की सुबह हुई पार्टी संसदीय दल की बैठक में जब उन्होंने अपना यह विचार रखा तो किसी नेता ने समर्थन नहीं किया।

पार्टी में हुई यह चर्चा मीडिया तक कैसे पहुंची, इस पर भी थरूर ने नाराजगी जाहिर की है। थरूर ने आरोप लगाया कि बैठक की बातों को उनके खिलाफ माहौल बनाने के लिए लीक किया जा रहा है।

कांग्रेस सांसद ने आगे लिखा है, मुझे आशा है कि मेरे चरित्र और इरादों को लेकर पार्टी नेतृत्व के बीच किसी तरह का गलतफहमी नहीं है। मैंने पूरी गंभीरता और क्षमता के साथ पार्टी की सेवा की है। हालांकि कई बार मेरे मन में यह भावना आई है कि इन सब के लिए मेरी सराहना नहीं की गई। बीते 24 घंटों में जो कुछ हुआ, उससे यह एक बार फिर साबित हो गया।

नई दिल्ली : मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर विवादास्पद बयाने देने के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने कांग्रेस नेता गुरदास कामत को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है। गौरतलब है कि राजस्थान में एक जनसभा के दौरान कामत ने स्मृति ईरानी को पोछा लगाने वाली बताया था और उनके शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर सवाल उठाए थे।

जिसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमार मंगलम ने कहा कि हमने स्मृति ईरानी के खिलाफ विवादित बयान देने के मामले में गुरदास कामत को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है। स्थानीय निकाय चुनाव प्रचार के दौरान कामत ने कहा कि मैं मुंबई का हूं और मैने ईरानी को होटल में सफाई का काम करते हुए देखा है।

मुंबई : 1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की फांसी के बाद उसकी पत्नी राहीन को सांसद बनाने के लिए समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद फारूक घोसी ने मुलायम सिंह को चिट्ठी लिखी है।

समाजवादी पार्टी के मुंबई उपाध्यक्ष मोहम्मद फारूक घोसी ने अपनी चिट्ठी में लिखा है।

'मुंबई बम धमाके के मामले में याकूब के साथ उसकी पत्नी को भी अरेस्ट किया गया था। हालांकि, फिर राहीन को बरी कर दिया गया लेकिन तब तक वह कई सालों तक जेल में रही। आज मुझे राहीन याकूब मेमन असहाय लग रही है और इस देश में कितने असहाय होंगे जिनकी लड़ाई हम सबको लड़ना है और मुसलमान भी आज अपने आपको असहाय समझ रहा है। हमें साथ देना चाहिए और राहीन याकूब को संसद सदस्य बनाकर मजलूम व असहाय लोगों की आवाज बनने देना चाहिए।'

दिल्ली : बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के जन-जन के मांग को एक बार फिर केंद्र सरकार ने ठुकरा दिया दिया। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि बिहार झारखंड सहित किसी भी राज्य को विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा नहीं दिया जाएगा। बिहार के संबंध में सरकार विशेष पैकेज पर विचार कर रही है, इस पर अंतिम फैसला होना है।

दरअसल लोकसभा में योजना राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार राव इंद्रजीत सिंह  एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वर्ष 2015-16 में बिहार और ओडिशा ने विशेष केंद्रीय सहायता की मांग रखी है। उन्होंने कहा कि जहां तक बिहार को विशेष वित्तीय सहायता देने की बात है इस पर चर्चा चल रही है। अभी इसे अंतिम रूप दिया जाना है। लेकिन किसी भी राज्य को विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा देने की नीति इस सरकार की नहीं है। उन्होंने पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम की ओर से झारखंड को और बिहार के मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव की ओर से पूछे गए सवालों पर यह जवाब दिया।

पप्पू यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री बिहार गए थे तो उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की बात कही थी तो क्या आपके मंत्रालय ने इसे नहीं सुना। उन्होंने कहा कि बिहार आर्थिक व सामाजिक रूप से झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से भी दयनीय स्थिति में है इसलिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए।

जवाब में राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि बिहार और ओडिशा ने विशेष श्रेणी का दर्जा देने की मांग की है। लेकिन वह स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार किसी भी राज्य को विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा नहीं देगी। उन्होंने कहा कि सरकार की यह नीति ही नहीं है। उन्होंने दोहराया कि सरकार बिहार को वित्तीय पैकेज देने पर विचार कर रही है इस पर अभी पूरी तरह निर्णय नहीं हो पाया है।

कुछ दिनों पहले बिहार के मुजफ्फरपुर में हुइ बीजेपी की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार को विशेष पैकेज देने की बात कही थी। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा था कि अभी संसद सत्र चल रह है इस लिए पैकेज का ऐलान नहीं किया जाएगा गा। लेकिन संसद सत्र समाप्त होते ही इसका ऐलान कर दिया जाएगा। साथ ही बिहार वासियों को ये आश्वासन भी दिया कि विशेष पैकेज 50 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा होगा।

इस्लामाबाद : पाकिस्तान ने गुरूदासपुर आतंकी हमले में शामिल आतंकियों के पाकिस्तान से आने के भारत के दावे को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि भारत को उंगली उठाने से पहले ठोस सबूत साझा करने चाहिए। पाकिस्तान ने इस तरह के ‘भड़काउ’ बयान को क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया हैं।

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काजी खलीलुल्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा, पाकिस्तान सरकार भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह की ओर से आज संसद में लगाये गये बेबुनियाद आरोपों को साफ तौर पर खारिज करती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस ‘अप्रमाणित’ दावे पर अफसोस है कि 27 जुलाई की गुरदासपुर की घटना में शामिल लोग पाकिस्तान से भारत गये थे।

खलीलुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान का मानना है कि भारतीय गृहमंत्री के बयान भड़काउ हैं और क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उनके बयान से कुछ घंटे पहले ही राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में दिये बयान में गुरदासपुर हमलों को पाकिस्तान से जोड़ते हुए कहा कि तीनों आतंकवादी हमले को अंजाम देने के लिए वहां से आये थे। सिंह ने जीपीएस डाटा से मिले संकेतों का हवाला देते हुए कहा कि गुरदासपुर में हमला करने वाले आतंकवादी रावी नदी के जरिये पाकिस्तान से आये थे।

गत 27 जुलाई को लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य माने जा रहे तीन फिदायीन लोगों ने गुरदासपुर में एक बस में बैठे यात्रियों पर हमला किया और एक थाने में घुसकर गोली चलाईं। हमले में एक एसपी समेत सात लोगों की मौत हो गयी। बाद में दिनभर चले अभियान में सुरक्षा बलों ने तीनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया।

प्रवक्ता ने कहा, हमने भारत में किसी भी आतंकवादी घटना के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने की भारत की सतत प्रवृत्ति पर चिंता के साथ संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि बिना जांच के उंगली उठाना सही नहीं है। खलीलुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान ने गुरदासपुर में आतंकवादी हमले के फौरन बाद हमले की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की थी। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के साथ जब मुठभेड़ जारी थी तभी भारतीय मीडिया में गुरदासपुर घटना के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया गया था।

प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद की सभी स्वरूपों में निंदा करता है। उन्होंने कहा, हमने कई बार कहा है कि आतंकवाद हमारा साझा दुश्मन है और इस समस्या से निपटने के लिए आरोप-प्रत्यारोप से ज्यादा जरूरी सहयोगात्मक सोच है। उन्होंने कहा, हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि बेबुनियाद आरोप लगाने से बचें और क्षेत्र से आतंकवाद को समाप्त करने तथा दक्षिण एशिया में शांति और अमन का माहौल बनाने के लिए पाकिस्तान के साथ काम करें। अगर भारत सरकार के पास मामले में कोई ठोस सबूत है तो उसे पाकिस्तान सरकार के साथ साझा किया जा सकता है।

बिहार सरकार ने गया के गहलौर निवासी दशरथ मांझी के जीवन पर बनी फिल्म 'मांझी द माउंटेन मैन' को टैक्स फ्री कर दिया है।

बिहार मंत्रिपरिषद की गुरुवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल समन्वय सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव शिशिर कुमार सिन्हा ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, 'मांझी द माउंटेन मैन' को राज्य में एंटरटेनमेंट टैक्स से मुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।' निर्देशक केतन मेहता ने लंबे समय के बाद इस फिल्म से वापसी की है। यह फिल्म 21 अगस्त को रिलीज होने वाली है। फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी और राधिका आप्टे मुख्य भूमिकाओं में हैं। नवाजुद्दीन ने अकेले दम पहाड़ काटकर गांववासियों के लिए शहर तक का रास्ता आसान बनाने वाले दशरथ मांझी की भूमिका निभाई है।

डायरेक्टर केतन मेहता अपने निर्देशन की फिल्म 'मांझी-द माउंटेन मैन' के ट्रेलर को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से इतने उत्साहित हैं कि इससे मिलने वाले मुनाफे का एक हिस्सा दशरथ मांझी के गांव को देंगे। केतन 'दृश्यम' की विशेष स्क्रीनिंग में पहुंचे थे। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि यकीनन मुनाफे का एक हिस्सा गेहलौर (दशरथ मांझी का गांव) को जाएगा।

मुंबई: बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार और उभरते नायक सिद्धार्थ मल्होत्रा अभिनीत 'ब्रदर्स' के ट्रेलर ने ऑनलाईन की दुनिया में धूम मचा रखा है। दरअसल ब्रदर्स के ट्रेलर को यूट्यूब पर 80 लाख से ज्यादा बार देखा गया है। 

फिल्म के ट्रेलर को इंटरनेट पर मिल रहे धमाकेदार रिस्पांस से गदगद फिल्म के सह-निर्माता करण जौहर ने ट्विटर पर लिखा, 'ब्रदर्स का ट्रेलर 80 लाख बार देखा गया। 'ब्रदर्स' 14 अगस्त को रिलीज हो रही है।

करण मल्होत्रा निर्देशित और धर्मा प्रोडक्शन की इस फिल्म की निर्माता हीरू यश जौहर (करण जौहर की मां) और एंडेमोल इंडिया हैं। यह फिल्म दो भाईयों की कहानी पर आधारित है। करीब तीन मिनट के इस ट्रेलर में शुरूआत बॉक्सिंग रिंग से होती है जहां दोनों भाई एक-दूसरे को कांटे की टक्कर देते नजर आते हैं। ट्रेलर के अनुसार फिल्म एक्शन से भरपुर होगी। यह फिल्म हॉलीवुड फिल्म 'वॉरियर' का हिन्दी रूपांतरण है। इस फिल्म में अक्षय और सिद्धार्थ दोनों टफ लुक में नजर आएंगे। फिल्म में जैकलिन फर्नांडीज और जैकी श्रॉफ ने भी अभिनय किया है।

फिल्म के ट्रेलर को मिले इस जबरदस्त रिस्पांस के बाद अब फिल्म समीक्षकों की निगाहें ‘ब्रदर्स' के रिलीज पर है। 

मुंबई : कई रिकॉर्ड्स को लगातार ध्वस्त कर आगे बढ़ रही अब तक की सबसे महंगी भारतीय फिल्म 'बाहुबली' ने एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही बाहुबली ने सबसे बड़ा पोस्टर बनाने का नया रिकार्ड अपने नाम किया है। फिल्म का पोस्टर 50,000 वर्ग फुट से बड़ा बनाया गया था जिसने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा है।

रेफरेंस बुक ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट में इसका उल्लेख करते हुए लिखा है, 'सबसे बडे पोस्टर का साइज 4,793.65 वर्ग मीटर (51,598.21 वर्ग फुट) है और इसे 27 जून 2015 को भारत के कोच्चि में ग्लोबल यूनाइटेड मीडिया कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (इंडिया) ने हासिल किया है.'    

अपनी खुशी व्यक्त करते हुए राजामौली ने अपने ट्विटर पेज पर वेबसाइट के लिंक को शेयर करते हुए लिखा, 'अब यह आधिकारिक रुप से मिल गया है ... ग्लोबल यूनाइटेड मीडिया में मिस्टर प्रेम मेनन और उनकी टीम को बधाई'।

मुंबई : 'बाहुबली' के बाद बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का दिल जीतने वाली 'बजरंगी भाईजान' की बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई जारी है। बजरंगी भाईजान ने रिलीज के महज तीन दिनों में ही 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। सलमान खान की इस फिल्म ने अब दक देशभर में करीब 103 करोड़ रुपए की कमाई दर्ज करवाई है।

फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरन आदर्श ने ट्वीट कर 'बजरंगी भाईजान' की कलेक्शन की जानकारी दी है। तरन आदर्श ने ट्वीट में लिखा है ''दिलों को जीतने वाली 'बजरंगी भाईजान' कि बॉक्स ऑफिस पर भी जीत, शुक्रवार को 27.25 करोड़ की कलेक्शन, शनिवार को 36.60 करोड़ और रविवार को 38.75 करोड़ रुपये। इस तरह से फिल्म ने तीन दिन में 102. 60 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है।

100 करोड़ का आंकड़ा पार कर सलमान खान की इस फिल्म ने एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। सलमान की यह लगातार 100 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली 8वीं फिल्म बन गई है। बॉलीवुड के किसी भी एक्टर की 8 फिल्में 100 करोड़ के क्लब में अब तक शामिल नहीं हुईं हैं। बॉलीवुड फिल्मों की गिनती में यह फिल्म साल 2015 की सबसे बड़ी ओपनिंग बटोर चुकी है। इस रेस में इसने वरुण धवन की 'एबीसीडी 2' को भी पीछे छोड़ दिया। सिर्फ इंडिया ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी 'बजरंगी भाईजान' ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया हुआ है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूएसए में इसने सलमान खान की ही फिल्म 'किक' के भी रिकार्ड्स तोड़ दिए हैं। शुक्रवार को ही यूएसए और कनाडा में इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 7 लाख डॉलर्स की कमाई की। इसके साथ ही यह फिल्म यूएसए और कनाडा में बॉक्स ऑफिस पर 10वें नंबर पर आ गई है।

मुंबई: 18 जुलाई से शुरू हो रही प्रो-कबड्डी लीग का प्रमोशनल सॉन्ग गाने के बाद अब बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन इसकी ओपनिंग सेरेमनी में भी गाएंगे। बिग बी यहां राष्ट्रगान गाएंगे। इससे पहले वो रिपब्लिक डे के मौके पर भी एक खास म्यूजिक वीडियो के लिए नेशनल एन्थम गा चुके हैं।

अमिताभ ने ये जानकारी अपने ब्लॉग पर शेयर की। अमिताभ ने ब्लॉग पर लिखा, "उन्होंने मुंबई में खेल की शुरुआत से पूर्व प्रो कबड्डी के उद्घाटन समारोह के लिए मुझे इसे (राष्ट्रगान) लाइव गाने के लिए कहा है। वे इसे टूर्नामेंट के सभी खेलों में नामचीन हस्तियों, गायक मंडलियों, ऑर्केस्ट्रा और संगीतकारों के साथ लाइव गाएंगे, इसका हिस्सा होना, राष्ट्रीयता की पहचान का हिस्सा बनना, राष्ट्रीय बंधन और राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा बनना एक सौभाग्य है।"

गौरतलब है कि अमिताभ के बेटे अभिषेक बच्चन प्रो-कबड्डी की एक टीम जयपुर पिंक पैंथर्स के ओनर हैं। उनकी टीम ने ही 2014 के पहले सीजन में प्रो कबड्डी चैम्पियनशिप जीती थी। बॉलीवुड स्टार्स अमिताभ और सलमान खान काफी समय से इस लीग का प्रमोशन कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले बिग बी ने इसका प्रमोशन सॉन्ग ‘ले पंगा’ भी रिकॉर्ड किया है। 18 जुलाई से शुरू हो रही ये लीग 23 अगस्त तक चलेगी। सैंतीस दिनों तक चलने वाले इस मुकाबले में आठ शहरों में कुल 60 मैच होंगे।

अंबाला : अंबाला की रहने वाली बॉलिवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा को हरियाणा सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ‘ अभियान को बढ़ावा देने के लिए ब्रैंड एंबेसेडर नियुक्त किया है। परिणीति चोपड़ा फिल्मफेयर और नैशनल फिल्म अवॉर्ड समेत कई मौकों पर सम्मानित हो चुकी हैं। इधर, सरकार के आगामी 21 जुलाई को गुड़गांव में अभियान को लेकर एक इवेंट हो रहा है और उसमें परिणीति चोपड़ा भी मौजूद रहेंगी। बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित राष्ट्रीय स्तर पर 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान को प्रमोट करने के लिए ब्रैंड एंबैसेडर हैं। वह 22 जनवरी को पानीपत से देशभर के लिए शुरु किए गए अभियान को लॉन्च करने के मौके पर भी मौजूद थीं। इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था।

अंबाला की रहने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री परिणिती चोपड़ा को प्रदेश सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसेडर बनाए जाने पर उनके पिता पवन चोपड़ा काफी खुश हैं। उन्होंने साफ कहा कि एक ओर जहां प्रदेश सरकार के इस अभियान में प्रतिबद्धता झलकती है, वहीं बेटियां किसी भी सूरत में निराश नहीं करती। उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि बेटियों को लेकर अभिभावकों की चिंता अक्सर उनकी शादी करना और उनके लिए दहेज इकट्ठा करने में रहती है। लेकिन यदि यही चिंता वे अपनी बेटियों का भविष्य संवारने में लगाएं, तो अभिभावकों की चिंता लगभग खत्म ही हो जाएगी।

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अंग्रेजी दैनिक ‘द हिन्दू’ में छपी उस खबर का खंडन किया जिसमें उन्हें डीडी किसान के लिए किए गए एक विज्ञापन के एवज में 6.31 करोड़ रूपए मेहनाताना दिए जाने की बात कही गई थी। बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने एक बयान जारी कर न केवल इस खबर का खंडन किया बल्कि ये भी कहा कि उन्होंने दूरदर्शन से इस संदर्भ में एक रूपया न तो लिया है और न ही इस तरह का कोई अनुबंध उनके और दूरदर्शन के बीच हुआ था। अपने बयान में उन्होंने इससे जुड़ी हुए एक दिलचस्प बात बताई है कि उन्होंने विज्ञापन एजेंसी लिंटास के लिए डी डी किसान का एक विज्ञापन बहुत दिनों पहले किया था लेकिन उन्होंने ये काम भी बगैर पैसे लिए निस्वार्थ भाव से किया था।

इससे पहले अंग्रेजी अखबार द हिन्दू ने ये दावा किया था कि अमिताभ बच्चन को डीडी किसान के लिए विज्ञापन करने के एवज में दूरदर्शन की ओर से अब तक का सबसे ज्यादा यानि 6.31 करोड़ रूपए दिए गए। अपने खबर में द हिन्दू ने भी विज्ञापन एजेंसी के जरिए इस इंडोर्समेंट के पूरे होने की बात कही थी साथ ही ये भी दावा किया था कि कड़े मोल ताल के बाद अमिताभ बच्चन के लिए ये राशि तय करवाने में विज्ञापन एजेंसी कामयाब हुई थी। अखबार का दावा पैसे न केवल दिए गए बल्कि दूरदर्शन के इतिहास में अब तक सबसे बड़ा भुगतान हुआ, बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन का सिरे से इंकार। ऐसे में सच इन दो दावों के बीच लगता है कहीं फंसा हुआ है। अगर अमिताभ बच्चन ने पैसे नहीं लिए तो डीडी किसान के लिए विज्ञापन के नाम पर पैसे की बंदरबाट कहां हुई, ये सवाल भी प्रासंगिक है। अगर डीडी ने विज्ञापन के लिए विज्ञापन कंपनी को पैसे दिए तो क्या वो अमिताभ बच्चन तक नहीं पहुंचे ? या फिर अमिताभ बच्चन के नाम से निकले पैसे बीच में ही मंडी हाउस की घुमावदार मानचित्र में कहीं फंस कर रह गया। ज़ाहिर है सार्वजनिक प्रसारक को इन सवालों के जबाव तो देने ही होंगे।

डीडी किसान चैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खास नजर है। ऐसे में अगर डीडी किसान की चौहद्दी से इस तरह के सवाल उठ रहे हों तो ज़ाहिर है इसे अच्छी शुरूआत तो कतई नहीं कहा जा सकता। अगर संदेह उठाए गए हैं तो ज़ाहिर है जबाव देने की जिम्मेदारी भी सार्वजनिक प्रसारक की है। ऐसे में अब सबकी नजरें उठ रही हैं सार्वजनिक प्रसारक की ओर कि अमिताभ बच्चन के इंकार के बाद उपजी शंका के सामाधान के लिए कोई ठोस जबाव शायद हो उसके पास।

चिदंबरम पर जूता चलाने वाले आआपा नेता ने अलग खालिस्तान की मांग का समर्थन किया है । अरविंद केजरीवाल की पार्टी आाआपा का ग्राफ लगातार गिर रहा है, कुछ उनकी अपनी हरकतों से तो कुछ उनके नुमाइँदों से । शायद इस पार्टी के नेताओं को सिर्फ चर्चा में बने रहने की आदत हो गई है और वो इसके लिए लगातार कुछ न कुछ हरकत करते रहते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में दिल्ली की एक सीट से आआपा ने एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया था जिसकी पहचान चिदंबरम पर जूता चलाने के अलावा कुछ और न थी। हालांकि वो चुनाव हार गए लेकिन राजनीति में आ गए और अब उनके कुछ बयान आजकल सोशल मीडिया पर वायलर हो रहे हैं। मीडिया सरकार उन वीडियोज को अपने पाठकों के लिए यहां पेश कर रहा है। पाठक इन वीडियोज को खुद देखें और फैसला करें कि जो पार्टी देश की राजनीति में बदलाव लाने की बात करती थी वो कितनी गंदी राजनीति की मिसाल बनती जा रही है। 

http://youtu.be/yPaufKnBkoQ

http://youtu.be/zD8a3U0Ggh0

http://youtu.be/JMYsn5CDQl8

https://www.youtube.com/watch?v=xq4pOZYwRhA

एक चिटफंडिए चैनल न्यूज़ एक्सप्रेस ने पिछले िदनों कांग्रेस के एक बड़े नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खर्शीद को बतौर गेस्ट एडिटर अपने संस्थान बुलाया । दफ्तर घुमाया, खबरों पर बात की और लल्लो चप्पो करते हुए एक शो रिकॉर्ड किया और सलमान साब विदा हो गए। एक अल्पबुद्धि का संपादक और क्या कर सकता है, लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की ऐतिहासिक दुर्गति के बाद वैसे ही इनके नेताओं से हार के मंथन के अलावा कोई और सवाल होते नहीं लिहाजा सलमान खुर्शीद के लिए एक नया अनुभव रहा होगा। मीडिया सरकार को मिले एक पत्र  के मुताबिक सलमान खुर्शीद नाकाबिलों की टीम से लैस संपादक और चैनल से खासे खफा बताए जाते हैं। जिस किस्म के सवाल उनसे पूछे गए, जिस किस्म की स्तरहीन बातें उनके साथ की गई उससे वो नाराज हो गए। लेकिन मीडिया सरकार को मिली जानकारी के मुताबिक अगर सलमान को सारी असलियत पता होती तो शायद वो यहां आने का रिस्क नहीं लेते। सलमान खुर्शीद को यह पता नहीं था कि चैनल में काफी कर्मचारियों को लगभग  दो महीने से तनख्वाह नहीं मिली है, उन्हें यह भी पता नहीं था कि पिछले हफ्ते कुछ वेंडर्स ने हंगामा किया था । अपने बकाए पैसे को लेकर टैक्सी प्रोवाइड करने वाले शख्स ने काफी गाली गलौज की थी और सीईओ महोदय चुपके से भाग निकले थे। इतना ही नहीं शायद सलमान खुर्शीद को यह भी मालूम नहीं होगा कि संस्थान के तथाकथित सीईओ पर उनके ही साथ काम करने वाली किसी सहयोगी ने बदतमीजी और शोषण का भी आरोप लगाया है। या फिर एनजीओ के बहाने विकलांगो के नाम पर पैसों के घपले में चर्चित हुए सलमान खुर्शीद को सब पता हो और उन्हें, उनके जैसा ही संस्थान मिला जहां जाने का मौका वो गंवाना नहीं चाहते हों। सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर मीडिया सरकार बताना चाहता है कि संस्थान के एक क्षेत्रीय चैनल के कर्ताधर्ता ने दफ्तर आना बंद कर दिया है और चैनल के मालिक ने सभी बड़े अधिकारियों को लास्ट अल्टीमेटम दे दिया है। ऐसे में चैनल के सुधरने की रही-सही उम्मीद भी खत्म होती दिख रही है। 

 

तुम हैवान हो ...डरपोक हो ....मक्कार हो

तुम इस्लाम के ही नहीं..नस्ले आदम के गुनहगार हो

तुमने बंदूक उठाके..निशाना जो लगाया होगा

यकीनन अल्लाह-ओ-अकबर का नारा जे़हन में आया होगा

तुमने देखी न होंगी मासूम की आंखें...निशाने पे सर था

तेरी गोली से जो मरा वो कोई अल्लाह का अकबर था

बात मुल्कों की नहीं...सरहद की नहीं...मज़हब की नहीं

बात ईश्वर की नहीं....अल्लाह की नहीं...रब की नहीं

बात इतनी सी है.....ये खून ही अब जागेगा

आज बहता हुआ आंसू......कल हिसाब मांगेगा

लहू सूखेगा नहीं.....मां का दूध माफ ना होगा

अल्लाह के गुनहार बता...तेरा कहां इंसाफ होगा ?

जो देख सकता है तो देख....मासूम जनाज़ों को

जो देख सकता है तो देख....मौत के रिवाजों को 

याद रख जिस दिन ....इंसान संभल जाएगा

लहू..लहू का फर्क दिलों से मिट जाएगा

तेरी तंज़ीम का हर हर्फ भी मिट जाएगा

तेरी बंदूक का लोहा भी पिघल जाएगा

तुझपे..तेरी जात पे...लानत हो ....दुत्कार हो

तुम इस्लाम के ही ...नस्ले आदम के गुनहगार हो

 

तेजतर्रार युवा पत्रकार पंकज शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार

 

या ख़ुदा...

खौफ़नाक मंज़र

हर पल कांपती रूह

डरावने सपने सी हकीकत

तड़तड़ाती बंदूकें

तड़पता ज़हीर

लहुलूहान असलम

अपनी आंखों के सामने

दोस्तों का यूं रूख्सत होना

या अल्लाह... 

इन ज़ालिमों को सज़ा दे

या ख़ुदा...

इन जल्लादों पर कहर बरपा

मेरे असलम को बचा ले

मेरे ज़हीर को जगा दे 

मेरे दोस्तों पर रहम कर 

हमारा स्कूल हमें लौटा दे

अलविदा...

अम्मी जान के हाथों की 

वो मुलायम सी छुअन

भागती दौड़ती लंच बनाती

सलामती की दुआ करती

अम्मी, हमें बचा लो

अब्बू, हमें जल्दी से ले चलो

आपा, हमें घर बुला लो

जाने कहां से आ गए ये ज़ालिम

मेरे प्यारे स्कूल में ये क्या हो गया

हर तरफ़ बस खून ही खून

अब सांसें थमती जा रही हैं

दर्द का एहसास खत्म हो रहा है

सबकुछ एकदम धुंधला सा..

वो आग उगलती बंदूकें, 

वो दोस्तों के तड़पते जिस्म..

वो क्लासरूम के लाल हो गए ब्लैकबोर्ड...

अम्मी... अब्बू... आपा... अलविदा...

 

वरिष्ठ पत्रकार अतुल सिन्हा के फेसबुक वॉल से साभार

• केजरीवाल कहते है की वो गरीब किसानों का समर्थन करते है और उनको उनका हक दिलवाना चाहते है. लेकिन दूसरी तरफ आआपा नेता योगेश दहिया जिसने सहारनपुर के किसानो के 300 करोड़ का मुआवजा खाया उसे आआपा के कृषि सुधार समिति में रखा और सहारनपुर से लोकसभा का टिकट दिया !

• केजरीवाल जी ने आरटीआई कार्यकर्ता संतोष कोहली की हत्या के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया की माफियाओं ने उसकी हत्या कर दी और उसे न्याय मिलना चाहिए। जब केजरीवाल मुख्यमंत्री बने उन्होंने 49 दिन की सरकार के दौरान हत्या के मामले में उच्चस्तरीय न्यायिक या सीबीआई जांच की सिफारिश कभी नहीं की !

• केजरीवाल कहा की अन्ना आंदोलन का सारा पैसा आंदोलन के समय ही पूरा खत्म हो गया था. जब यह मामला और उछला तो उन्होंने कहा की केवल 2 करोड़ रुपय बचे थे. बाद में अन्ना के ब्लॉगर राजू परुलेकर ने बताया की आंदोलन में करीब 200 करोड़ की राशि जमा हुई थी, जो केजरीवाल जी ने अन्ना को कभी नहीं दिया। केजरीवाल ने कहा था की यदि अन्ना अपने आप को आआपा से अलग कर लेंगे तो वह भी आआपा से हट जायेंगे लेकिन केजरीवाल ने क्या किया ?

• अरविंद केजरीवाल ने कहा की वो अपनी पार्टी में आलाकमान संस्कृति के खिलाफ है. जबकि सच यह है की उनकी पार्टी में सबसे ज्यादा आलाकमान संस्कृति है. सब कुछ चार-चौकड़ी तय करती है ! आआपा छोड़ने वाले सभी नेताओ ने यह बात कही की “स्वराज” केवल टोपी पर ही रह गया है!

• केजरीवाल जी ने कहा की उनकी पार्टी के नेता सरकारी निवास नहीं लेगे. लेकिन दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने खुद 5 कमरों वाले दो बंगलो के आवंटन के लिए अनुरोध किया !

• केजरीवाल ने पहले कैमरे के सामने कहा की विनोद कुमार बिन्नी ने कभी भी टिकट नहीं माँगा। लेकिन जब बिन्नी ने केजरीवाल द्वारा दिल्ली की जनता को दिए गए धोखे के कारण विरोध किया तो केजरीवाल जी ने कह दिया की बिन्नी ने टिकट माँगा था.

• अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के 2 घंटे के दौरे के बाद कह दिया की उन्हें गुजरात में कही भी विकास देखने को नहीं मिला, गुजरात में कुछ विकास नहीं हुआ ! पूरा विश्व आज गुजरात के विकास की बात कह रहा है. जहा शहरो में ही नहीं बल्कि सभी 18,000 गॉवो में 24x7 बिजली है?

• गुजरात दौरे के दौरान जानबूझकर आचार संहिता का उल्लंघन किया | बाद में जांच से पता चला की कार्यकर्ताओं को इस घटना के पहले ही हजारों SMS भेज कर किसी बड़े घटना को अंजाम देने की पूर्व तैय्यारी थी ताकि पूरे देश में उनकी डूबती लोकप्रियता को बढाया जा सके |

• आआपा की अंजलि दामनिया के खिलाफ भूमि हड़पने के केस चल रहे हैं ! अंजलि पार्टी में एक प्रमुख नेता है लेकिन केजरीवाल मिडिया को बताते हैं की वो एक सामान्य कार्यकर्ता है |

• केजरीवाल ने कहा की ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के अनुसार उनकी सरकार में भ्रष्टाचार में कमी आई है. बाद में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने स्पष्टीकरण दिया की केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं |

• जब लोगो ने प्रश्न किया की आपके पास भ्रष्टाचार के इतने सबूत है तो आप कोर्ट क्यों नहीं जाते तो उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट कचेहरी पर भरोसा नहीं है अर्थात विधायिका-कार्यपालिका-न्यापालिका-प्रेस झूठे है केवल केवल केजरीवाल सच्चे है !

• भाषण देते हुए केजरीवाल कैमरे पे तो कहते हैं की उन्होंने देश का भ्रमण किय लेकिन उन्हें कहीं मोदी की लहर नहीं दिखी ! किन्तु कैमरे के पीछे वो एक पत्रकार से ये कहते हुए पकडे गए की "भाई देश में मोदी लहर तो है "

• जब सोमनाथ भारती का इन्टरनेट पोर्न साइट के मामले में नाम आया तो केजरीवाल ने कहा की सोमनाथ निर्दोष है | बाद में हुई जांच पड़ताल से पता चला की सोमनाथ भारती दोषी है |

• केजरीवाल ने कैमरे पे कहा की किसी भी विधायक को 2014 चुनावों के लिए सांसद का टिकट नहीं मिलेगा जबकि केजरीवाल एक विधायक होते हुए स्वयं लोक सभा का चुनाव लड़े |

• केजरीवाल ने दिल्ली के औटोवालों को कई वादे किये लेकिन 49 दिन की सरकार के दौरान औटोवालों से किये सभी वादों को दरकिनार कर दिया |

• आन्दोलन के समय जब अन्ना हजारे को कांग्रेस सरकार ने बंदी बनाया था तब केजरीवाल ने कहा की अन्ना को साधारण मुजरिमों के साथ रखा गया है | जांच के बाद यह बात झूठ साबित हुई तथा यह बात स्वयं केजरीवाल को इण्डिया टुडे एन्क्लेव में स्वीकारनी पड़ी |

• गुजरात के दौरे पे केजरीवाल जब जानबूझ कर अचार संहिता का उल्लंघन करते पकडे गए तो उन्होंने सरासर झूठ बोल दिया की उन्होंने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है | बाद में जांच से पता चला की केजरीवाल झूठ बोल रहे थे , तत्पश्चात उनपे प्राथमिकी दर्ज करायी गयी |

• जब आआपा के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में दंगा फसाद किया तब केजरीवाल ने कहा की इसमें आआपा के कार्यकर्ताओं का कोई हाथ नहीं | कैमरे की फुटेज देखने से यह साफ़ हो गया की केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं | आआपा नेता आशुतोष और तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह अपने समर्थको के साथ बीजेपी कार्यालय में स्वयं तोड़ फोड़ करते देखे गए | यही नहीं, आआपा ने सभी कार्यकर्ताओं को एकत्रित होने के लिए हजारों की संख्या में SMS भेजे थे |

• दिल्ली के मुख्यमंत्री बनाने के बाद जब केजरीवाल ने धरना किया तब आरोप लगाया की उनके कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलस ने चाय तक नहीं पीने दी, सुलभ शौचालय बंद करवा दिए | बाद में उनके कार्यकर्ता न सिर्फ चाय बल्कि शराब आदि का सेवन करते भी पकडे गए |

• केजरीवाल ने कहा की वह आम आदमी है और सभी आमजनो से मिलने के लिए कभी भी उपलब्ध है | सच तो ये है की उनसे मिलने के लिए 20,000 से ऊपर खर्चने पड़ते हैं !

• केजरीवाल ने कहा था दिल्ली में उसकी सरकार बनते ही 15 दिनों के भीतर जनलोकपाल बिल पास कराया जायेगा , ऐसा कुछ भी नहीं किया गया | वो यह बोल कर पीछे हट गए की भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अंतर्गत वह दिल्ली विधान सभा में यह विधेयक पास नहीं कर पा रहे | सच्चाई तो यह है की यह दिशानिर्देश बहुत पहले दिया जा चूका था ! अपने झूठे वादे करते समय केजरीवाल को इस निर्देश के बारे में भली भाँती ज्ञात था, फिर भी मात्र वोट लेने के चक्कर में सभी को झूठ बोला | केजरीवाल ने जनलोकपाल का ड्राफ्ट विधायको को पढने के लिए नहीं दिया ! दिल्ली में पहले से ही लागू लोकायुक्त कानून को अमेंड नहीं किया !

• राहुल कँवल (आज तक) को केजरीवाल ने कहा की मिडिया उन्हें कवरेज नहीं देती ! जब राहुल कँवल ने याद दिलाया की एक हफ्ते पहले ही केजरीवाल का साक्षात्कार प्रदर्शित किया गया था, तब आखिरकार केजरीवाल को अपना झूठ मानना पड़ा ! फिर भी अपने आप को लाचार एवं बेचारा दिखाने की आदत गयी नहीं |

• केजरीवाल जी कहते हैं की उन्होंने एक किताब लिखी है जिसका नाम है "स्वराज" लेकिन सच्चाई यह है की अजय पल नागर द्वारा लिखी गयी "स्वराज" से सारी बातें चुरा कर स्वयं की किताब लिख डाली और नागर जी का नाम तक नहीं लिखा !

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लॉस एंजिलिस : मात्र 14 साल की उम्र के रणवीर ने कुछ ऐसा कर दिखाया जो आज तक किसी भारतीय ने नहीं किया है। रणवीर ने स्पेशल ओलिंपिक्स में गोल्ड जीत लिया है। लॉस एंजिलिस में खेले गए स्पेशल ओलिंपिक्स के जीएफ गोल्फ लेवल-2 ऑल्टरनेट शॉट टीम प्ले मैच में गोल्ड मेडल जीता है। रणवीर और उनकी पार्टनर मोनिका जाजू ने 9 शॉट के दम पर हांगकांग और निप्पन के ऊपर जगह बनाई। इस इवेंट में 21 देशों ने हिस्सा लिया था।

रणवीर सैनी ने इससे दो साल पहले भी एशिया पैसिफिक वर्ल्ड गेम्स में दो गोल्ड मेडल जीते थे। ऐसा करने वाले वे पहले इंडियन थे। उनकी यह कामयाबी लिमका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हो चुकी है। रणवीर दो साल की भी कम उम्र से न्यूरोलॉजिकल बीमारी ऑटिज्म (autism) से पीड़ित हैं। उन्हें खाना बनाना, पियानो बजाना पसंद है।

रणवीर के पिता कार्तिकेय ने बताया, "रणवीर ने स्कूल में जनरल नॉलेज सब्जेक्ट में अमेरिका के प्रेसिडेंट ओबामा के बारे में पढ़ा था। उस वक्त वह उन्हें अंकल ओबामा कहता था। लॉस एंजिलिस जाने से पहले उसने कहा था कि मिशेल आंटी से मिलूंगा।"

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में बड़ा पुलिस और प्रशासनिक फेर-बदल हुआ है। राज्य में कुल 92 आइएएस व आइपीएस अधिकारी बदले गए हैं। इनमें 48 आइएएस और 44 आइपीएस अधिकारी हैं। 27 जिलों में नए डीएम भेजे गए हैं। 24 जिलों के पुलिस कप्तान भी बदले गए हैं।

कार्यपालक निदेशक स्वास्थ्य समिति आनंद किशोर को पटना का प्रमंडलीय आयुक्त और सीतामढ़ी डीएम सतीश कुमार वर्मा को पटना का डीएम बनाया गया है।

स्थानांतरित होने वालों में एक पुलिस महानिदेशक के अलावा तीन पुलिस उप महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जबकि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अपर पुलिस महानिदेशक रविंद्र कुमार को राज्य सरकार ने प्रोन्नत कर महानिदेशक बनाने के साथ ही उन्हें राज्य का नागरिक सुरक्षा आयुक्त सह महानिदेशक का दायित्व सौंपा है। रविंद्र कुमार फिलहाल निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।

बदले गए आइपीएस अधिकारियों में कई ऐसे भी हैं जो पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही जिले में टिके हुए थे।

बीएमपी के आइजी अजिताभ कुमार को सरकार ने बीएमपी के अलावा विशेष शाखा के आइजी का प्रभार सौंपा है, जबकि डीआइजी की कोटि में अपनी पदस्थापना की प्रतीक्षा कर रहे प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को मुजफ्फरपुर का रेंज डीआइजी बनाया गया है।

बीएमपी में ही डीआइजी के रूप में काम कर रहे उपेंद्र कुमार सिन्हा को भागलपुर रेंज का डीआइजी बनाया गया है। पटना सेंट्रल रेंज के डीआइजी शालीन को बीएमपी के डीआइजी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

स्थानांतरित होने वालों में एसपी कोटि के कुल 37 आइपीएस अधिकारी शामिल हैं। इस स्थानांतरण आदेश से राज्य के कुल 23 जिलों के पुलिस कप्तानों को बदल दिया गया है। जिन जिलों के एसपी बदले गए हैं उनमें मधुबनी, गोपालगंज, शेखपुरा, सहरसा, नवगछिया, अररिया, कैमूर, सुपौल, शिवहर, नालंदा, कटिहार, रोहतास, सिवान, अरवल, बेतिया, बगहा, पूर्वी पटना, खगडिय़ा, मुजफ्फरपुर (नगर), मधेपुरा, गया (नगर) और भागलपुर (नगर) शामिल हैं।

संरा: संयुक्त राष्ट्र संघ की शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (युनेस्को) की महानिदेशक इरीना बोकोवा ने व्यापमं घोटाले की छानबीन के दौरान मारे गए पत्रकार अक्षय सिंह की मौत की जांच की मांग की है। इरीना बोकोवा ने श्री सिंह की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि पत्रकारों के खिलाफ हुए अपराध में अपराधी को बचना नहीं चाहिए। 

इरीना बोकावा ने श्री सिंह के शोक संतप्त परिवार, मित्रों और सहयोगियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भारत से अपील की है कि मामले की जांच हो। बोकोवा ने कहा “कानून के शासन के लिए ये जरूरी है कि समाज के जानने के अधिकार की रक्षा करें। इसके लिए अधिकारी श्री सिंह के मौत की वजह स्पष्ट कर सकते हैं। ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पत्रकार अपने पेशेवर कार्यों को सुरक्षित वातावरण में कर सकें और उनके खिलाफ हुए अपराध में अपराधी बचेगा नहीं।“ 

प्राइवेट न्यूज चैनल आज तक के संवाददाता अडतीस वर्षीय अक्षय सिंह मध्य प्रदेश के झाबुआ में व्यापमं घोटाले की पड़ताल कर रहे थे जब रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी।

भारत को जानने के लिए गांवों को जानना जरूरी है जहां बसती है भारती की आत्मा। दुनिया भारत को अपनी आंखों से जानना समझना चाहती है। लिहाजा बुंदेलखंड इलाके के गांवों में भारत को जानने समझने के लिए घुम रहे इन चार छात्रों के मन में ये विचार अनायास नहीं आया। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की बनावट को गहराई से समझ रहे दुनिया के अलग अलग मुल्कों से आए इन छात्रों का कहना है “गांवों को समझने का हमारा ये प्रयोग बहुत उपयोगी और मनोरंजक रहा इसलिए भी क्योंकि ये बहुत चुनौतीपूर्ण था और हमें इस देश के स्थानीय परंपराओं को अपनाना था। इस दौरान हमें अनेकों दिलचस्प लोगों से मिलने का मौका मिला जिनसे हम आगे भी जुड़े रहेंगे। इस दौरान हमें खुद ही फैसले लेने का भी अनुभव हासिल हुआ। कुल मिलाकर हमारा मानना है कि ये हमारे कैरियर को लेकर बेहद उपयोगी रहा साथ ही भारत लौट कर आने और यहां काम करने की दिशा में सोचने के लिए गहराई तक प्रेरित कर रहा है।“ 

पेरिस में प्रबंधन की पढ़ाई कर रहे 22 साल की लेबनान की छोले एबडेस्साटेर, 21 साल के फ्रांस की हेलेने इवेन और योलेने ग्रास्सेलीन और यूनान के 22 वर्षीय वेसिलियोस थियोडोरूउ के लिए ये दौरा बेहद मनोरंजक और खास रहा। ठेठ गंवई अंदाज में दशहरी आम का मजा लेना, आगरा, खजुराहो जैसे पर्यटक स्थलों पर बिंदास घुमते हुए फोटोग्राफी का आनंद भारत के इस दौरे को इनके लिए बेहद अहम बनाता है। गांवों में घुमते लोगों से बतियाते भारतीय संस्कृति को गहराई से जानने समझने का ये मौका इन युवाओं को अभिभूत कर रहा है। 

प्रबंधन के इन छात्रों को पढ़ाई के दौरान रिसर्च करने की जिम्मेदारी निभानी थी। लेकिन भारत के गांवों में घुमते ये जिम्मेदारी इतनी मनोरंजक, अनुभव के नए आयाम खोलने वाला होगा इसकी जरा सी भी भनक भारत आने से पहले इनको नहीं थी। हेलेन इवेन कुछ साल पहले भी भारत आई थी लेकिन बांकि तीनों छात्रों के लिए ये भारत का पहला दौरा था। छोले ऐबडेस्साटेर बताते हैं “ इस खुबसुरत देश की ये हमारी पहली यात्रा थी। ये बहुत ही मनोरंजक और अभिनव अनुभव रहा। शुरूआत में थोड़ा चुनौतिपूर्ण लगा लेकिन बाद में यहां के लोगों के दोस्ताना और सहयोगपूर्ण व्यवहार की वजह से हम बहुत तेजी से यहां के अनुकूल होते गए”। 

ये युवा पेरिस में स्थित यूरोप के एक शीर्ष प्रबंधन संस्थान एचईसी के छात्र हैं। भारत स्थित एक एनजीओ डेवलेंपमेंट अल्टर्नेटिव की मदद से भारत के गांवों से जुड़े अपने रिसर्च और फिल्ड वर्क पुरा करने में इनके लिए अनुभवों का एक नया पिटारा खुला। योलोन ग्रास्सलीन बताते हैं “हम फिल्ड वर्क को समझने और महिलाओं में साक्षरता बढ़ाने वाली तारा अक्षर कार्यक्रम के सामाजिक प्रभाव का समझने आए थे। ग्रामीणों के साथ वक्त बिताना हमारे लिए बहुत उपयोगी रहा।